
Jharkhand Cabinet On Scheme For Women: झारखंड की चंपई सोरेन सरकार ने शुक्रवार (28 जून) को राज्य की 45 लाख महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना को 'मुख्यमंत्री बहन-बेटी मातृ स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना' नाम दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी वित्तीय सहायता योजना को झारखंड कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही कैबिनेट ने राज्य के लोगों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। राज्य में अभी तक 125 यूनिट तक बिजली के लिए लोगों को कोई कीमत नहीं चुकानी पड़ती है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के तहत हर महिला को 1,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार इस पहल के लिए सालाना 5,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दी गयी।
महिला सशक्तिकरण हेतु योजना
कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने कहा कि राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी गई है। इस दौरान महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव मनोज कुमार ने कहा कि यह योजना 21 से 50 वर्ष तक की महिलाओं के लिए है। उन्होंने कहा कि आयकरदाताओं, सरकारी कर्मचारियों, ईपीएफ धारकों और कुछ अन्य श्रेणियों को इस योजना के लाभ से बाहर रखा गया है।
इस योजना पर 5,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
मनोज कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और बेहतर शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, ''राज्य सरकार इस योजना के लिए प्रति वर्ष 5,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी।'' विभाग जल्द ही आवेदन तैयार करने के लिए अभियान शुरू करेगा ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।
जनवरी में झारखंड कैबिनेट ने 50 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं, आदिवासियों और दलितों को वृद्धावस्था पेंशन योजना में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पहले, केवल 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग ही इस योजना का लाभ उठा सकते थे, जिसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को प्रति माह 1,000 रुपये दिए जाते हैं।
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