
Jammu Kashmir Elections:जम्मू-कश्मीर में 10वर्षों के लंबे अंतराल के बाद विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए हैं, और अब सभी की निगाहें इसके परिणामों पर टिकी हुई हैं। यह चुनाव न केवल राज्य की राजनीतिक दिशा निर्धारित करेगा, बल्कि यह भी स्पष्ट करेगा कि जम्मू-कश्मीर की जनता की वास्तविक इच्छाएं क्या हैं।
बता दें कि, चुनाव के दौरान कुल 90सीटों पर मतदान हुआ है, और इसके परिणामों की प्रतीक्षा न केवल देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी की जा रही है। पिछले चुनावों के बाद से जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति में काफी बदलाव आए हैं, जो इस चुनाव को और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं।
किस ओर इशारा कर रहे एग्जिट पोल के आंकड़े
चुनाव परिणामों से पहले, एक्सिस-माय इंडिया द्वारा किए गए एग्जिट पोल ने राजनीतिक समीक्षकों को उत्साहित कर दिया है। पोल के अनुसार, जम्मू क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को काफी बढ़त मिलती हुई दिखाई दे रही है। बीजेपी को जम्मू में लगभग 44%वोट मिलने की संभावना जताई गई है, जबकि कांग्रेस+ को 34%वोट मिलने की उम्मीद है।
विशेष रूप से, राजपूत, ब्राह्मण और बनिया समुदाय के लोग बीजेपी के साथ नजर आ रहे हैं, जहां 71%राजपूत और 69%ब्राह्मण बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, दलितों और अन्य पिछड़े वर्गों का वोट भी बीजेपी के पक्ष में जाने की संभावना है, जबकि मुसलमानों का समर्थन कांग्रेस+ को मिलने की संभावना जताई गई है।
सीटों का संभावित वितरण
एक्सिस-माय इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, जम्मू की 18विधानसभा सीटों में से 14सीटें बीजेपी को मिलती हुई दिखाई दे रही हैं। वहीं, कांग्रेस+ और नेशनल कॉन्फ्रेंस को तीन सीटें मिलने की संभावना है, जबकि एक सीट किसी अन्य पार्टी को मिलने का अनुमान है।
चुनाव परिणामों का इंतजार अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, और यह परिणाम राज्य की राजनीति की दिशा को निश्चित रूप से प्रभावित करेंगे। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता की पसंद क्या बनती है और जम्मू-कश्मीर का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
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