
High Court Slams Yoga Guru Baba Ramdev: योग गुरु बाबा रामदेव के द्वारा “शरबत जिहाद” पर की गई विवादित टिप्पणी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कोर्ट ने इस टिप्पणी को “अक्षम्य” बताते हुए कहा कि यह कोर्ट की अंतरात्मा को झकझोरने वाली है। यह टिप्पणी हमदर्द के गुलाब शरबत के बारे में की गई थी, जिस पर हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है।
हाईकोर्ट के जस्टिस अमित बंसल की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि रामदेव के वकील को कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखना चाहिए। रामदेव के वकील, राजीव नैयर ने बताया कि वे सभी विवादित विज्ञापनों को हटा रहे हैं और किसी धर्म के खिलाफ नहीं हैं। कोर्ट ने रामदेव को 5दिनों में एफिडेविट फाइल करने का आदेश दिया और चेतावनी दी कि अगर वकील पेश नहीं होते तो सख्त आदेश दिए जाएंगे।
रामदेव की विवादित टिप्पणी और सफाई
रामदेव ने 3अप्रैल को अपनी कंपनी के गुलाब शरबत का प्रचार करते हुए “शरबत जिहाद” शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने हमदर्द के रूह अफजा पर आरोप लगाया कि कंपनी अपने पैसे मस्जिदों और मदरसों के निर्माण में खर्च कर रही है। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई दी कि उनका उद्देश्य किसी धर्म को निशाना बनाना नहीं था।
कोर्ट ने सांप्रदायिक विभाजन को लेकर कड़ा रुख अपनाया
सुनवाई के दौरान, हमदर्द के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि रामदेव लगातार कंपनी और उसके मालिकों के धर्म पर हमले कर रहे हैं। उन्होंने इसे नफरत फैलाने वाली टिप्पणी और सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने वाली भाषा करार दिया। इसके अलावा, रामदेव ने हिमालय कंपनी के मालिक को भी निशाना बनाया था, जो मुस्लिम हैं।
कोर्ट का आदेश और भविष्य में बदलाव
जस्टिस अमित बंसल ने रामदेव से भविष्य में ऐसे बयान देने से बचने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि उनके वीडियो और विज्ञापनों में बदलाव किए जाएं और रामदेव हलफनामा दाखिल करें कि भविष्य में वह इस प्रकार के बयान नहीं देंगे।
कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 1 मई को तय की है, जब रामदेव और उनके वकील को अपना पक्ष पेश करना होगा।
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