
Farmers Protest: पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। अब कांग्रेस के राष्ट्रीय किसान मोर्चा के अध्यक्ष और स्टार पहलवान बजरंग पूनिया ने किसानों का समर्थन करने के लिए शंभू बॉर्डर पर जाने का फैसला किया है। वे शनिवार को वहां पहुंचेंगे और किसानों से मिलकर उनके आंदोलन को और तेज़ करने की अपील करेंगे।
बता दें कि,किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर हैं। शनिवार को उनके अनशन को 18दिन हो गए, लेकिन अब तक सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस पर बजरंग पूनिया ने कहा कि यह सिर्फ पंजाब और हरियाणा के किसानों का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के किसानों का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि किसान पिछले 23महीनों से एमएसपी की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी आवाज़ नहीं सुनी।
कांग्रेस पहले भी किसानों के साथ थी और आगे भी रहेगी- पूनिया
पूनिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले भी किसानों के साथ थी और आगे भी रहेगी। वे शंभू बॉर्डर पर किसानों के समर्थन में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने 101लोगों का एक पैनल तैयार किया है, जो दिल्ली जाएंगे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिस पर पूनिया ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "अगर किसानों को अपनी आवाज़ उठाने से रोका जाएगा, तो यह तानाशाही के अलावा कुछ नहीं है।"
पूनिया ने हरियाणा सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों को एमएसपी देने का दावा करती है, लेकिन असल में किसानों की फसल नहीं खरीदी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल मंडियों में पड़ी हुई है, और सरकार उसे खरीदने का काम नहीं कर रही है।
'वन नेशन-वन इलेक्शन' पर भी आलोचना
पूनिया ने केंद्रीय कैबिनेट के 'वन नेशन-वन इलेक्शन' प्रस्ताव पर भी विरोध जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल धर्म और जाति की बात करती है, लेकिन किसानों के मुद्दों पर चुप रहती है। उनका कहना था कि सरकार को किसानों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए और एमएसपी देने से राजनीति खत्म कर देनी चाहिए।
बजरंग पूनिया का यह कदम और शंभू बॉर्डर पर किसानों के समर्थन में आना इस बात का संकेत है कि कांग्रेस और उसके किसान मोर्चा ने किसानों के मुद्दे पर अपनी ताकत बढ़ा दी है। यह आंदोलन अब एक राष्ट्रीय मुद्दे के रूप में सामने आ रहा है।
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