
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024एक साल दूर है लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा हो या कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष, राजनीतिक दलों ने सबसे बड़े राजनीतिक आयोजन के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले NDAको अगले चुनाव में बहुमत हासिल करने का पूरा भरोसा है, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला UPA10साल बाद सत्ता में वापसी करने की अपनी संभावनाओं को उज्ज्वल कर रही है। यह पहला मौका है जब कांग्रेस 10साल तक सत्ता से बाहर रही।
भाजपा के लिए कई चुनौती
आपको बता दें कि,यह सर्वविदित तथ्य है कि किसी भी पार्टी को दिल्ली भेजने में उत्तर प्रदेश और बिहार की अहम भूमिका होती है। उत्तर प्रदेश में जहां 80संसदीय सीटें हैं, वहीं बिहार में 40लोकसभा सीटें हैं। वहीं अब एक सर्वेक्षण ने संकेत दिया है कि बिहार अगले आम चुनाव में UPAको अपनी सीट हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद कर सकता है। गौरतलब हो कि 2019में जब बीजेपी-जेडीयू-एलजेपी ने एनडीए के बैनर तले लोकसभा चुनाव लड़ा था, तो उन्होंने 40में से 39सीटों पर जीत हासिल की थी। इस बार BJPको अकेले ही चुनाव में उतरना होगा क्योंकि JDUअब UPAके साथ है और लोजपा दो धड़ों में बंट चुकी है। इस प्रकार, भाजपा के लिए चुनौती कई लोगों की सोच से बड़ी है।
वहीं सर्वे के मुताबिक 2019के मुकाबले 2024में UPAकी सीटें 2024में 25गुना बढ़ सकती हैं। यानी 2019में महज एक सीट के मुकाबले 2024में पार्टी को 25सीटें मिल सकती हैं। सर्वे के मुताबिक UPAको करीब 47फीसदी सीटें मिल सकती हैं बिहार में वोट क्योंकि इसे नीतीश कुमार के गठबंधन से सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है।
जबकि सर्वेक्षण में केंद्र में भाजपा की वापसी की भविष्यवाणी की गई है, अगर कांग्रेस उत्तर और दक्षिण में क्षेत्रीय दलों के साथ समझौता करने में कामयाब होती है, तो इससे भाजपा की संभावनाओं को बहुत नुकसान हो सकता है। अगर कांग्रेस उत्तर प्रदेश और बिहार में BJPके वोट शेयर में सेंध लगाने में कामयाब हो जाती है, तो परिणाम UPAके लिए भी आश्चर्यजनक हो सकते हैं।
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