
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने मंगलवार को खेल नियमों में अहम बदलावों पर अपनी मुहर लगा दी है। ये सभी नियम खेल के मैदान पर 1 अक्टूबर 2022 से लागू हो जाएगा। इस बदलावा की घोषणा आईसीसी ने मुख्य कार्यकारी समिति द्वारा सौरव गांगुली की अगुवाई में इस फैसले को लिया गया है। वहीं इस बैठक में एमसीसी के 2017 के क्रिकेट कानूनों के तीसरे अपडेट एडिशन पर चर्चा की गई। इसके अलावा इसे महिला क्रिकेट समिति के साथ भी साझा किया गया है, जिन्होंने सीईसी को सिफारिशों का समर्थन किया।
बता दें कि, गांगुली ने कहा कि आईसीसी क्रिकेट समिति की मेरी पहली बैठक की अध्यक्षता करना एक सम्मान की बात है। मैं समिति के सदस्यों के बहुमूल्य योगदान से खुश हूं, जिसके परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण सिफारिशें की गईं। मैं सभी सदस्यों को उनके जरूरी इनपुट और सुझावों के लिए धन्यवाद देता हूं।
आज से बदल जाएंगे ये नियम
कैच आउट: अगर खेल में कोई बल्लेबाज कैच आउट होता है, तो ऐसे में नया बल्लेबाज स्ट्राइक पर आएगा। भले ही बल्लेबाज कैच लेने से पहले एक-दूसरे को पार हो गए हो।
स्ट्राइक के लिए घटाया एक मिनट:अब विकेट गिरने के बाद नए बल्लेबाज को टेस्ट और वनडे मैचों में दो मिनट के भीतर स्ट्राइक लेने के लिए तैयार होना होगा, जबकि टी20 में यह समय पहले की तरह 90 सेकंड ही रखा गया है।
लार पर प्रतिबंध : गेंद चमकाने के लिए लार के उपयोग पर प्रतिबंध। कोरोना महामारी के बाद इसे सुरक्षा के मद्देनजर लाया गया था। अब इसे स्थायी रूप से लागू कर दिया गया है।
पिच से बाहर जाती गेंद पर नहीं मिलेगा रन : अगर कोई बल्लेबाज गेंद खेलने की कोशिश में पिच से पूरी तरह बाहर चला जाता है तो वह गेंद डेड बॉल हो जाएगी और बल्लेबाज को कोई रन नहीं मिलेगा। इसके अलावा कोई भी गेंद जो बल्लेबाज को पिच छोड़ने के लिए मजबूर करेगी, उसे भी नो बॉल कहा जाएगा।
फील्डर के अनुचित बर्ताव पर 5 रन की पेनाल्टी: गेंदबाज के गेंद फेंकने से ठीक पहले अगर फील्डर जानबूझकर कोई अनुचित हरकत करते हैं, तो अंपायर उस गेंद को डेड बॉल देने के अलावा बल्लेबाजी करने वाली टीम को पेनाल्टी के रूप में पांच रन दे सकते हैं।
रन आउट : अगर कोई गेंदबाज गेंद फेंकने से ठीक पहले नॉन स्ट्राइक पर खड़े बल्लेबाज की गिल्लियां बिखेरकर उसे आउट कर देता है तो इसे रन आउट (पहले मांकडिंग) माना जाएगा।
धीमी ओवर गति : टी-20 क्रिकेट में धीमी ओवर गति पर जुर्माने का नया प्रावधान लाया गया है। 2023 विश्वकप के बाद इसे वनडे में भी लागू किया जाएगा। इस नियम के अनुसार गेंदबाजी करने वाली टीम को निश्चित समय के अंदर अपना आखिरी ओवर शुरू करना होता है। अगर तय समय पर कोई टीम अपना आखिरी ओवर नहीं शुरू कर पाती है तो उस समयसीमा के बाद जितने भी ओवर होते हैं। उनमें एक फील्डर बाउंड्री से हटाकर तीस गज के दायरे के अंदर रखना पड़ता है।
हाइब्रिड पिच : उक्त नियमों के अलावा महिला और पुरुष वनडे और टी-20 मैचों के लिए खेलने की शर्तों में संशोधन किया जाएगा, ताकि दोनों टीमों के सहमत होने पर हाइब्रिड पिचों का उपयोग किया जा सके। वर्तमान में, हाइब्रिड पिचों का उपयोग केवल महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में ही किया जा सकता है।
गेंद फेंकने से पहले रनआउट नहीं: पहले नियम था कि अगर कोई बल्लेबाज गेंद खेलने से पहले ही क्रीज से बाहर आ जाता है तो गेंदबाज थ्रो करके उसे रन आउट कर सकता था, लेकिन अब यह नियम हटा दिया गया है। अगर कोई गेंदबाज ऐसा करने की कोशिश करता है तो वह गेंद डेड बॉल करार दी जाएगी। इससे बल्लेबाजों के पास खुलकर अपनी क्रीज का इस्तेमाल करने की आजादी होगी।
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