"मैं मौजूद नहीं.." यूसुफ पठान संसदीय टीम के साथ विदेश यात्रा करने से किया इनकार

Cricketer Yusuf Pathan: भारत ने आतंकी देश पाकिस्तान के खिलाफ मिसाइल स्ट्राइक के बाद अब पॉलिटिकल डिप्लोमेटिक स्ट्राइक का ऐलान किया, जिसके बाद सरकार की तरफ से पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए अलग-अलग देशों में संसदीय दल भेजने का ऐलान हुआ।  जिसमे संसदिय दल ने पश्चिम बंगाल के तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और पूर्व अंतराष्टीय क्रिकेटर यूसुफ पठान का भी नाम आया था।

TMC का डेलिगेशन से दूरी बनाने का फैसला
ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य पाकिस्तान की कथित गतिविधियों और नीतियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब करना है। इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न दलों के सांसदों को शामिल किया गया है। और यूसुफ पठान का नाम भी इस सूची में था। लेकिन, टीएमसी ने इस डेलिगेशन से दूरी बनाने का फैसला किया है। सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय रणनीतिक है और पार्टी की नीतियों के अनुरूप लिया गया है। यूसुफ पठान ने केंद्र सरकार को इसकी जानकारी दे दी है और स्पष्ट किया है कि वह इस यात्रा में हिस्सा नहीं लेंगे।
 
यूसुफ पठान का बयान 
यूसुफ पठान ने अपने फैसले पर ज्यादा ज्यादा कुछ टिप्पणी ते नहीं किया है, लेकिन उन्होंने कहा, "मैं मौजूद नहीं.." । उनके इस बयान ने सोशल मीडिया हलचल मचा दिया है। कुछ लोग इसे टीएमसी की रणनीति का हिस्सा कह रहे हैं। तो कुछ इसे पाकिस्तान के प्रति नरम रुख के रूप में देख रहे हैं। विपक्षी दलों ने टीएमसी पर हमला बोलते हुए इसे राष्ट्रीय हितों के खिलाफ कदम बताया है।
 
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
BJP और अन्य विपक्षी दलों ने टीएमसी के इस कदम की कड़ी आलोचना कर रही है। तो वहीं भाजपा के प्रवक्ता ने कहा- "यह राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता है। टीएमसी को अपने फैसले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।" दूसरी ओर, टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह उनका अपना मामला है। यूसुफ पठान का डेलिगेशन से हटना और टीएमसी का इस अभियान से दूरी बनाना निश्चित रूप से राजनीतिक बहस को और गर्म करेगा। और अब यह देखना होगा कि इस फैसले का असर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और टीएमसी की छवि पर किस तरह पड़ता है।

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