‘यह ग्लोबल वार्मिंग व जलवायु परिवर्तन का असर है’ कुल्लू क्षेत्र में बादल फटने पर बोले सीएम सुक्खू

‘यह ग्लोबल वार्मिंग व जलवायु परिवर्तन का असर है’ कुल्लू क्षेत्र में बादल फटने पर बोले सीएम सुक्खू

शिमला: हिमाचल प्रदेश केकुल्लू में बीती रात बादल फटने पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "पिछली रात कुल्लू क्षेत्र में बादल फटने की घटना सामने आई है। किन्नौर और लाहौल स्पीति से भी ऐसी खबरें आ रही हैं। पहले किन्नौर और लाहौल स्पीति में ऐसी घटनाएं देखने को नहीं मिली थीं। निश्चित तौर पर कहा जा सकता है कि यह ग्लोबल वार्मिंग व जलवायु परिवर्तन का असर है।

सीएम सुक्खू ने कहा कि भारत सरकार से मेरी इस मामले पर बात हुई थी। पर्यावरणविद् और वैज्ञानिकों की एक टीम प्रदेश में अपना दौरा करेगी और अध्ययन करके अपनी रिपोर्ट देगी कि इतनी ज्यादा बादल फटने की घटनाएं क्यों हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आज से ही राजीव गांधी वन संवर्धन योजना की शुरूआत की गई है... जिसमें महिला मंडलों, युवा मंडलों की भागीदारी होगी। इसके तहत 25 से 50 बीघा जमीन पर वन लगाए जाएंगे, जिसमें पौधे वन विभाग द्वारा उपलब्ध करवाए जाएंगे। 25 बीघा जमीन पर पौधारोपण करने के लिए भी 1 लाख 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। जिस जगह पर वन विभाग ने भूमि का चयन किया होगा वहां का 'सर्वाइवल रेट' देखा जाएगा।

अधिक वनों का विस्तार होगा- सीएम सुक्खू

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि 100 पौधारोपण के बाद यदि 50 पौधेभी जीवित रहते हैं तो उन्हें अगले साल 1 लाख रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वन विभाग की निगरानी में पैसे देने का काम किया जाएगा। इससे युवा मंडलों, महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूह के पास पैसा आएगा। इससे अधिक वनों का विस्तार होगा।

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