
Hemant Soren Bail: झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन जेल से रिहा हो गए हैं। उनको 31 जनवरी को जमीन घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को सोरेन की झारखंड हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई हो गई है। वरिष्ठ वकील अरुणाभ चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया था कि पूर्व सीएम को जमानत दे दी गई है।
अदालत ने कहा है कि प्रथम दृष्टया, वह दोषी नहीं हैं और जमानत पर रिहाई के दौरान याचिकाकर्ता द्वारा कोई अपराध किए जाने की कोई आशंका नहीं है। 27 मई को सोरेन ने झारखंड हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। उनको ईडी ने जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था। झारखंड के पूर्व सीएम पर 8.42 एकड़ के जमीन घोटाले का आरोप है।
क्या था मामला
आपको बता दें कि जमीन घोटाला मामले की जांच ED कर रही है। यह जांच ED दक्षिणी छोटानागपुर के तत्कालीन कमिश्नर नितिन मदन कुलकर्णी की रिपोर्ट के आधार पर कर रही है। यह मामला सेना के कब्जे वाली जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है। आरोप है कि फर्जी नाम-पते के आधार पर झारखंड में सेना की जमीन बेची गयी। इस मामले में रांची नगर निगम में एफआईआर दर्ज करायी गयी थी।
वकील ने ईडी के आरोपों को बताया मनगढ़ंत
उसी एफआईआर के आधार पर EDने जांच शुरू की। इस घोटाले में हेमंत सोरेन का परिवार शामिल बताया जा रहा है। इस मामले में ED अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी छवि रंजन भी शामिल हैं जो राज्य समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त के पद पर कार्यरत थे।हाईकोर्ट में सोरेन के वकील ने ईडी के आरोपों को मनगढंत बताया है और कहा कि जमीन से हेमंत का कोई लेना-देना नहीं है। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट में ईडी ने सीएम कार्यालय से जुड़े लोगों के व्हाट्सऐप चैट और राजस्व अधिकारी भानु प्रताप प्रसाद के बयान जमा कराए थे।
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