
Delhi-NCR Air Pollution Increased:दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) एक बार फिर 300के स्तर को पार करने की संभावना है, जिससे लोगों को मास्क पहनने की आवश्यकता महसूस हो सकती है। राजधानी की हवा धीरे-धीरे ज़हरीली होती जा रही है, और 99अब दिनों के बाद प्रदूषण का स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है। इसका मुख्य कारण जलती हुई पराली है, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराज़गी जताई है। इस परिदृश्य में, दिल्ली सरकार ने स्मॉग की चादर से बचने के लिए तुरंत अपने विंटर एक्शन प्लान को लागू किया है।
प्रदूषण की निगरानी के लिए एक टास्क फोर्स का गठन
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की निगरानी के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है, जो ड्रोन की मदद से स्थिति पर नज़र रखेगी। हालांकि, AQI लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सभी नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि वे प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए सतर्क रहें। हवा में मौजूद प्रदूषण के कण फेफड़ों में जम सकते हैं और रक्त में मिलकर अन्य अंगों को भी नुकसान पहुँचा सकते हैं। इस स्थिति से अस्थमा, सीओपीडी, और हृदय रोगों के मरीजों को अधिक खतरा होता है, और यहां तक कि स्वस्थ व्यक्तियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्वास्थ्य संबंधी जोखिम
हर दिन, एक व्यक्ति लगभग 10,000लीटर हवा अपने फेफड़ों में ले जाता है। यदि यह हवा प्रदूषित हो, तो इसमें मौजूद जहर, बैक्टीरिया और वायरस फेफड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। इससे अस्थमा और अन्य सांस की बीमारियाँ बढ़ सकती हैं। यदि आपको लगातार खांसी, छींक, सांस लेने में कठिनाई, गले में घरघराहट, या सीने में दर्द महसूस हो रहा है, तो तुरंत चिकित्सा जांच कराना आवश्यक है। ये लक्षण लंग्स इंफेक्शन के संकेत हो सकते हैं।
प्रदूषण से बचने के उपाय
एयर पॉल्यूशन के कारण ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। शोध से पता चला है कि दुनिया भर में ब्रेन स्ट्रोक से होने वाली मौतों और विकलांगता में 14%मामले वायु प्रदूषण के कारण होते हैं। इसलिए यह अत्यंत आवश्यक है कि हम अपने लंग्स, हार्ट, ब्रेन और संपूर्ण स्वास्थ्य को मजबूत करें ताकि प्रदूषण के प्रभाव को कम किया जा सके।
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए स्वास्थ्यवर्धक सुझाव:
- 100ग्राम बादाम, 20ग्राम कालीमिर्च, और 50ग्राम शक्कर मिलाकर एक पाउडर तैयार करें। इसे 1चम्मच दूध के साथ लें।
- मुलेठी का क्वाथ पीना भी फायदेमंद है।
- मसाला चाय का सेवन करें।
- गिलोय-तुलसी का काढ़ा बनाएं और हल्दी वाला दूध पिएं।
- मौसमी फल, बादाम, और अखरोट को अपनी डाइट में शामिल करें।
इन उपायों को अपनाकर हम न केवल प्रदूषण से बच सकते हैं, बल्कि अपने फेफड़ों को भी मजबूत बना सकते हैं। सभी नागरिकों को अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखने और सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि प्रदूषण के खतरे को कम किया जा सके।
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