
HARYANA NEWS: हरियाणा सरकार की एक सराहनीय पहल गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत बनकर सामने आई है। हरियाणा सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
इस योजना का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों में बेटियों के विवाह को लेकर परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना है। जिन परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये तक है, उन्हें इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। सरकार के इस प्रयास से हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिला है और पात्र लाभार्थियों ने सरकार का आभार भी जताया है।
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के अंतर्गत जिला में अब तक 2887 लाभार्थियों को 18 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। जिला कल्याण अधिकारी राकेश कुमार के अनुसार, वे परिवार पात्र हैं जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है। योजना के तहत कन्या के विवाह के छह माह के भीतर आधिकारिक पोर्टल www.shaadi.edisha.gov.in <http://www.shaadi.edisha.gov.in> पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने पर ही सहायता राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है।
सरकार द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार-
·अनुसूचित जाति / विमुक्त जाति वर्ग के लाभार्थियों को 71,000 रुपये की सहायता राशि
·सभी वर्गों की विधवा, बेसहारा महिला या अनाथ बेटियों को 51,000 रुपये
·सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों को 41,000 रुपये
दिव्यांगजनों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं-
·यदि दंपती दोनों दिव्यांग हों तो 51,000 रुपये
·यदि एक दिव्यांग हो तो 41,000 रुपये
इसके अलावा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ियों को भी 41,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। योजना का लाभ ले चुके परिवारों का कहना है कि सरकार से मिली सहायता ने उनकी बेटी की शादी में बड़ा सहारा दिया। 71 हजार रुपये की राशि मिलने से शादी के खर्च का बोझ काफी कम हुआ और बेटी की शादी अच्छे से संपन्न हो सकी।
लाभार्थियों ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “बेटी बोझ नहीं, बल्कि परिवार और समाज की शान है। हमारी सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी गरीब परिवार को बेटी की शादी के समय आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना इसी सोच का परिणाम है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ सीधे लाभार्थियों के खातों में राशि भेज रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो रही है। हरियाणा सरकार की यह पहल न सिर्फ आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि समाज में बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में भी एक मजबूत संदेश दे रही है। सरकार की इस योजना से हजारों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान आई है और यही है सुशासन की असली पहचान।
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