Haryana News : हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले 25 वर्षीय युवक विशु शर्मा की जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में चाकू मारकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। विशु कुरुक्षेत्र के वार्ड-31 स्थित महादेव मोहल्ले का रहने वाला था। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिवार के मुताबिक, विशु नवंबर 2022 में पुर्तगाल गया था और करीब डेढ़ साल पहले जर्मनी पहुंचा था। इससे पहले वह फ्रांस में करीब एक साल तक सेना में भी सेवाएं दे चुका था। जर्मनी में वह अपने पड़ोसी और रूममेट गौरव के साथ रहता था। गौरव ने ही सुबह करीब 4 बजे परिवार को फोन कर विशु की मौत की जानकारी दी।
झगड़े के दौरान चाकू मारने का आरोप
परिवार के अनुसार, घटना वाली रात कुछ युवकों ने विशु को मिलने के लिए बुलाया था। विशु उनसे मिलने गया, जहां किसी बात को लेकर उसकी युवकों से बहस हो गई। आरोप है कि इसी दौरान झगड़े में तीन युवकों ने विशु पर चाकू से हमला कर दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद रूममेट गौरव मौके पर पहुंचा और विशु को अस्पताल लेकर गया। हालांकि, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फिलहाल हत्या की सटीक वजह और आरोपियों की पहचान को लेकर पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। मामले की जांच जर्मनी की स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
विशु के फोन से परिवार को दी गई मौत की सूचना
परिजनों के मुताबिक, सुबह करीब 4 बजे गौरव ने विशु के फोन से परिवार को कॉल कर घटना की जानकारी दी। शुरुआत में परिजनों को इस बात पर विश्वास नहीं हुआ। बाद में जब गौरव का फोन बंद हो गया तो परिवार ने एक रिश्तेदार को अस्पताल भेजा। अस्पताल पहुंचने पर रिश्तेदार ने विशु की बाजू पर बने नाम और गर्दन पर बने टैटू के जरिए उसकी पहचान की। विशु अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।
पुर्तगाल के बाद फ्रांस और फिर जर्मनी पहुंचा था विशु
विशु के पिता नीरज शर्मा शहर में एक ज्वेलर्स के यहां काम करते हैं। उन्होंने बताया कि बेटे को विदेश भेजने के लिए परिवार ने अपना प्लॉट बेचकर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए थे। विशु नवंबर 2022 में पुर्तगाल गया था और करीब एक साल वहां रहने के बाद फ्रांस चला गया। परिवार के मुताबिक, पेरिस में उसने करीब छह महीने सैन्य प्रशिक्षण लिया और इसके बाद लगभग एक साल तक फ्रांस की सेना में नौकरी की। बाद में विशु नौकरी छोड़कर जर्मनी चला गया, जहां वह डिलीवरी का काम करता था। परिवार के मुताबिक, उसने अपनी एक टीम भी बना रखी थी, जो उसके साथ काम करती थी।
बहन ने कहा- राखी पर गोल्ड रिंग देने वाला था भाई
विशु की बहन नोनी ने बताया कि सोमवार को उसकी भाई से बातचीत हुई थी। उसने विशु के लिए राखी भेजी थी। विशु ने रक्षा बंधन पर बहन को गोल्ड रिंग देने की बात कही थी। बहन ने भावुक होकर बताया कि वह उसी दिन गोल्ड रिंग का डिजाइन पसंद करने जाने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही भाई की मौत की खबर आ गई।
परिवार ने शव भारत लाने के लिए सरकार से मदद मांगी
विशु के चाचा और पूर्व पार्षद एवं बीजेपी नेता नितिन भारद्वाज लाली ने बताया कि परिवार को विशु का शव भारत लाने के लिए करीब 12 लाख रुपये की जरूरत बताई गई है। परिवार ने केंद्र सरकार और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से शव को जर्मनी से भारत लाने में आर्थिक और प्रशासनिक मदद की गुहार लगाई है। परिवार अब बेटे के शव के भारत आने का इंतजार कर रहा है। विशु के परिजनों के मुताबिक, उसने दिवाली पर घर आने का वादा किया था, लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।