HARYANA NEWS: पलवल में 15 दिन में 12 मौतें, इस गांव में रहस्यमयी बीमारी से दहशत

HARYANA NEWS:  पलवल में 15 दिन में 12 मौतें,  इस गांव में रहस्यमयी बीमारी से दहशत

HARYANA NEWS:  हरियाणा के पलवल जिले के गांव छांयसा में इन दिनों दहशत और अनिश्चितता का माहौल है। गांव में बीते 15 दिनों के भीतर 12 रहस्यमयी मौतें हो चुकी हैं, जिनमें 5 स्कूली बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। मौतों का आंकड़ा लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के दावों में फर्क है, मंत्री 7 मौतों की पुष्टि कर रहे हैं, जबकि ग्रामीण ज्यादा संख्या बता रहे हैं।

गांव में लगातार बुखार, खांसी, बदन दर्द और उल्टी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग को रविवार को एक ही दिन में हेपेटाइटिस-C के 12 नए मामले मिले, जिससे कुल संक्रमितों की संख्या 29 पहुंच गई है।हेपेटाइटिस-B और C के बढ़ते मामलेस्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक 29 लोगों के सैंपल पॉजिटिव मिले हैं।18 मरीजों का घर पर इलाज शुरू किया गया है।700 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है।500 से ज्यादा ब्लड सैंपल लिए जा चुके हैं।29 लोगों के वायरल लोड की जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं, जिससे लीवर पर संक्रमण के असर की गंभीरता का पता चलेगा।

स्वास्थ्य विभाग की टीम का कहना है कि गांव में इंजेक्शन के जरिए नशा करने वाले युवाओं की संख्या अधिक है। आशंका जताई जा रही है कि एक ही सुई के बार-बार इस्तेमाल से हेपेटाइटिस-B और C का संक्रमण फैल रहा हो सकता है।

दूषित पानी बना बड़ा कारण?

गांव में पानी की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है।135 घरों से लिए गए पानी के सैंपल में से 31 फेल पाए गए।इन सैंपलों में क्लोरीन की कमी मिली।स्वास्थ्य विभाग ने क्लोरीन की गोलियां बांटी हैं।25 अवैध पानी कनेक्शन काटे गए, जिनसे लीकेज की समस्या हो रही थी।डॉक्टरों की टीम का कहना है कि घरों में बने पानी के कुंडों में स्टोर किया पानी भी संक्रमण का कारण हो सकता है। अधिकतर फेल सैंपल इन्हीं कुंडों से लिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग का दावा – हालात काबू में

पलवल की सीएमओ डॉ. सत्येंद्र वशिष्ठ के मुताबिक 4 टीमें गांव में लगातार जांच और दवा वितरण में लगी हैं। हर घर का सर्वे किया जा रहा है और जरूरतमंदों को तत्काल दवा दी जा रही है। विभाग का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है।

स्वास्थ्य मंत्री का बयान

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने छांयसा गांव का दौरा करने की घोषणा करते हुए कहा कि बीमारी के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दूषित पानी एक संभावित कारण हो सकता है।जल नमूनों की जांच की जा रही है।पब्लिक हेल्थ विभाग और ग्राम पंचायत के साथ मिलकर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयास तेज किए गए हैं।

 

Leave a comment