Narnaul Encounter: हरियाणा के नारनौल में बुधवार देर रात सीआईए टीम और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। नायन गांव में पूर्व डेलिगेट यादराम हत्याकांड के मुख्य आरोपी सहित तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि दो अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए थे, जिन्हें बाद में सीआईए टीम ने दबिश देकर काबू कर लिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सीआईए टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि नायन गांव में हुए चर्चित यादराम हत्याकांड में शामिल कुछ आरोपी नारनौल-रेवाड़ी रोड स्थित चिंकारा रेस्ट हाउस के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही सीआईए टीम ने मौके पर छापेमारी की। बताया जा रहा है कि पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। जवाबी फायरिंग में गांव कालबा निवासी संजय उर्फ भोलिया के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे काबू कर लिया और उपचार के लिए नारनौल के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं उसके दो साथी घनश्याम और आदित्य मौके से फरार हो गए थे, लेकिन सीआईए टीम ने तत्परता दिखाते हुए लगातार दबिश देकर दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपी का उपचार पुलिस निगरानी में चल रहा है। अस्पताल के माइनर ओटी के बाहर पुलिस गार्ड तैनात किया गया है, वहीं अस्पताल परिसर में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
क्या था पूरा मामला
गौरतलब है कि बीती 22 अप्रैल को नांगल चौधरी के गांव नायन में पूर्व डेलिगेट यादराम की गाड़ियों से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। यादराम अपने रिश्ते में लगने वाली भतीजी की शादी में शामिल होने गांव आए हुए थे। प्रारंभिक तौर पर इस घटना को हादसा माना जा रहा था, लेकिन परिजनों ने इसे पुरानी रंजिश के चलते की गई सुनियोजित हत्या बताया था। परिजनों की शिकायत और जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब इस मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।