
नई दिल्ली: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के मुख्य सलाहकार हरभजन सिंह ने अपने ही राज्य के क्रिकेट एसोसिएशन के कई अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए है। भज्जी ने पीसीए सदस्यों और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन की जिला इकाइयों को भेजे गए पत्र में किसी अधिकारी का नाम नहीं लिखा है, लेकिन कई अधिकारियों पर अवैध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए है।
बता दें कि, हरभजन ने इस गतिविधियों के बारे में एक पत्र राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को भेजा है, जिसमें उन्होंने विस्तृत जानकारी दी है। वहीं राज्यसभा सांसद हरभजन ने अपने पत्र में लिखा है कि मामले की जड़ यह है कि पीसीए अपने पक्ष में संतुलन को झुकाने के लिए मतदान के अधिकार के साथ 150 सदस्यों को शामिल करने के लिए भरपूर कोशिश कर रहा है। यह सब बीसीसीआई, सामान्य निकाय और मुख्य सलाहकार की सहमति के बिना किया जा रहा है। इसलिए, यह सब बीसीसीआई संविधान, पीसीए के दिशानिर्देशों और खेल निकायों की पारदर्शिता और नैतिक मानदड़ों के खिलाफ है। उन्होंने आगे लिखा कि अपनी अवैध गतिविधियों को छिपाने के लिए, वे पीसीए की औपचारिक बैठकें आयोजित नहीं कर रहे हैं और अपने स्वार्थ के लिए सभी निर्णय खुद ले रहे हैं।
इसके अलवा अपने आरोप के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे 10-15 दिनों से शिकायतें मिल रही है कि शीर्ष अधिकारी किस तरीके से अपना काम कर रहे है। मुझे मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया है,लेकिन कई योजनाओं से जुड़े फैसलों के बारे में बार-बार अंधेरे में रखा जा रहा है। आज मुझे बताया गया कि वे पहले ही 60-70 लोगों की सदस्यता के लिए पैसे ले चुके है। इस प्रक्रिया को तुरंत रोकने की जरूरत है। मेरे पास सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से लिखने और मुख्यमंत्री को सूचित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
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