विफलता इंसान की जिंदगी का अंत नहीं होती बल्कि विफलता ही सफलता के नए दरवाजे खोलती है। विफल होकर इंसान सफलता की तरफ एक कदम और बढ़ाता है। जब उन्हें सफलता मिलती है तो वह ऐसे मुकाम पर पहुंच जाते हैं जो युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बन जाता है।
ग्रुप D कर्मचारी बना HCS अधिकारी
ऐसे ही मेहनत और लगन की नई मिसाल सिरसा जिले के गांव गांव किशनपुरा के सतबीर सिंहमार ने पेश की हैं जिन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के बलबूते ग्रुप D से HCS अधिकारी का सफर तय किया है। हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) द्वारा आयोजित सिविल सर्विस परीक्षा (HCS) में उन्होंने पूरे प्रदेश में 49वीं रैंक हासिल की हैं।
वर्तमान में एग्रीकल्चर विभाग में फील्ड मैन (Group D) के पद पर कार्यरत सतबीर सिंहमार ने बताया कि इससे पहले उन्होंने 2021-22 में UPSC परीक्षा दी थी लेकिन सफलता नहीं मिली। इस निराशा से उन्होंने हार मानी बल्कि और ज्यादा मजबूती से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए रोजाना घंटों की पढ़ाई जारी रखी और उसका सकारात्मक परिणाम मिलने पर अपार खुशी है।
मेहनत ही सफलता की कुंजी
सतबीर सिंहमार ने बताया कि आप चाहे छात्र हों या जॉब की तलाश कर रहे युवा या फिर नौकरीपेशा, आपको असफलता का सामना करना पड़ सकता है। यह सभी के जीवन में परेशान करने वाला और निराशावाद का कारण बनता है। लेकिन जो लोग आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं उनके लिए असफलता, सफलता का ही एक रूप है, जो इनके जीवन में आता है और आएगा ही, बस हमें इसका सामना करने के लिए पहले से तैयार रहने की जरूरत होती है। यदि आप निरंतर कड़ी मेहनत और अनुशासन से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं तो सफलता आपसे ज्यादा दिन तक दूर नहीं रह सकती है।