
HEALTH: ग्रीन टी पीना आजकल का फैशन बन गया है लेकिन इससे पीने से कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकते है। दरअसल ग्रीन टी (Green tea) एक प्रकार का पौष्टिक आदर्श चाय है जिसे पत्तियों से बनाया जाता है। यह चीनी पत्तियों (Camellia sinensis) से निकाली जाती है, जिन्हें बिना फेरमेंटेशन किया जाता है। यह एक अन्य चायों के मुकाबले कम प्रकारी विधि का उपयोग करके बनायी जाती है, जिसके कारण इसमें अधिक उबालने के दौरान पत्तियों का ज्यादा सामग्री सुरक्षित रहती है।
ग्रीन टी को विशेष रूप से उत्तेजनादायक औषधीय गुणों के कारण जाना जाता है। यह कैफीन का स्रोत होती है, जो मस्तिष्क को जागृत करता है। इसके अलावा, इसमें एकांत औषधीय पदार्थ जिन्की मदद से मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती है, मौखिक स्वाद सुधारती है, और शरीर को अधिक प्रतिरोधी शक्ति प्रदान करती हैं। ग्रीन टी में कई प्रकार के प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स भी मौजूद होते हैं, जो शरीर को रेडिकलों के हानिकारक प्रभावों से बचाते हैं।
ग्रीन टी के कई स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं, जैसे कि डायबिटीज के नियंत्रण, चर्बी के ऊपरी बांधने की क्षमता, हृदय स्वास्थ्य की सुरक्षा, कैंसर के खतरों को कम करना, मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ाना, और पाचन क्रिया को सुधारना।
खाली पेट ग्रीन टी
खाली पेट ग्रीन टी पीने से हानिकारकता की कोई सामान्य बात नहीं है। ग्रीन टी में कैफीन और तत्वों की मात्रा मामूली होती है और ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित होती है।हालांकि, कुछ लोगों को खाली पेट ग्रीन टी पीने से पाचन की समस्या हो सकती है, जैसे कि पेट में एसिडिटी, उलटी, जी मिचलाना या पेट दर्द। यदि आपको इस तरह की समस्याएं होती हैं, तो आपको खाली पेट ग्रीन टी पीने से पहले खाना खा लेना चाहिए। इससे आपकी पाचन प्रक्रिया में सुधार होगा और संभवतः कोई समस्या नहीं होगी।
ग्रीन टी की अत्यधिक मात्रा में सेवन
ग्रीन टी की अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ समस्याएं हो सकती हैं। यहां कुछ मुख्य समस्याएं हैं जो ग्रीन टी के अत्यधिक सेवन से हो सकती हैं:
1. कैफीन की अधिक मात्रा: ग्रीन टी में कैफीन मौजूद होता है, जो उत्तेजनादायक हो सकता है। अगर आप अत्यधिक मात्रा में ग्रीन टी पीते हैं, तो यह नींद न आने, अधिक उत्तेजना, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं और अन्य संबंधित दिक्कतों का कारण बन सकता है।
2. पाचन समस्याएं: ग्रीन टी की अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से कुछ लोगों को पेट में एसिडिटी, उलटी, जी मिचलाना या पेट दर्द की समस्या हो सकती है।
3. विटामिन और खनिजों की कमी: अत्यधिक ग्रीन टी पीने से अधिकतर लोगों को पेशाब की अधिकता होती है, जिसके कारण शरीर से विटामिन और खनिजों की कमी हो सकती है।
4. दस्त: कुछ लोगों को ग्रीन टी की अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से दस्त हो सकता है, क्योंकि ग्रीन टी में प्राकृतिक लक्टिक एसिड होता है जो कुछ लोगों क
रात में समय ग्रीन टी
रात में ग्रीन टी पीने का सेवन आपकी नींद को प्रभावित कर सकता है। इसका कारण ग्रीन टी में मौजूद कैफीन होता है, जो एक प्रकार का उत्तेजक होता है। कैफीन आपके शरीर के तंत्रिका तंत्र को जागरूक कर सकता है और नींद पर असर डाल सकता है। ज्यादातर लोगों के लिए रात को कैफीन सेवन करने से नींद के लिए समस्या होती है, विशेषतः अगर वे संवेदनशील हैं और कैफीन के प्रति प्रतिरोधीता कम है। इसलिए, यदि आपको नींद की समस्या होती है या रात में आराम करने में परेशानी होती है, तो रात को ग्रीन टी की जगह कोई कैफीन-मुक्त विकल्प चुनना अच्छा होगा।
हालांकि, इसके साथ ही, हर व्यक्ति की शरीर की प्रतिरोधी और संवेदनशीलता अलग-अलग होती है, इसलिए कुछ लोगों को छोटी मात्रा में ग्रीन टी पीने के बावजूद भी कोई परेशानी नहीं होती है। इसलिए, आप अपने शरीर की प्रतिरोधी और पारंपरिक संभवताओं के आधार पर अपने अनुभव के आधार पर सोच सकते हैं और अपनी नींद के लिए अनुकूल निर्णय ले सकते हैं।
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