"महिला क्रिकेट में मिले मौका", ट्रांसजेंडर खिलाड़ी अनाया बांगर ने की ICC से बड़ी मांग

Transgender Cricketer Anaya Bangar: भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय शुरू होने की संभावना है। क्योंकि पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी ट्रांसजेंडर क्रिकेटर अनाया बांगर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ICC और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से महिला क्रिकेट में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को शामिल करने की मांग की है। अनाया जो भारत की पहली खुलकर ट्रांसजेंडर महिला एथलीट के रूप में उभरी हैं। अपने वैज्ञानिक शोध और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर यह अपील की है कि उन्हें और अन्य ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को महिला क्रिकेट में खेलने का अवसर दिया जाए।
अनाया बांगर का शोध
18 वर्षीय अनाया ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो और आठ पेज की वैज्ञानिक रिपोर्ट साझा की जिसमें उनकी हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) के बाद शारीरिक बदलावों का पूरा विवरण है। मैनचेस्टर मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी के सहयोग से किए गए इस शोध में उनकी मांसपेशियों की ताकत, सहनशक्ति, हीमोग्लोबिन, ग्लूकोज स्तर और ऑक्सीजन खपत की तुलना सिसजेंडर महिला एथलीट्स से की गई। नतीजों से पता चला कि हार्मोन थेरेपी के बाद अनाया की शारीरिक क्षमता महिला मानकों के समान है। अनाया ने कहा मैंने यह शोध इसलिए करवाया ताकि तथ्यों के आधार पर बात हो, न कि पुरानी धारणाओं पर।
ICC का ट्रांसजेंडर पर प्रतिबंध
2023 में ICC ने ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को महिला क्रिकेट में खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिसके बाद यह मुद्दा वैश्विक बहस का केंद्र बन गया। अनाया ने इस प्रतिबंध को चुनौती देते हुए BCCI और ICC से वैज्ञानिक और पारदर्शी नीतियां बनाने की मांग की है। उनकी मुख्य मांगों में है। ट्रांसजेंडर महिलाओं के लिए खुली और वैज्ञानिक चर्चा, टेस्टोस्टेरोन और प्रदर्शन का उपयोग, और जानकारों व खिलाड़ियों के साथ नीति निर्माण। अनाया के पिता संजय बांगर, जिन्होंने भारत के लिए 12 टेस्ट और 15 वनडे खेले।
2014 से 2019 तक भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच रहे। अनाया ने भी क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई थी और 2019 में कूच बिहार ट्रॉफी में पुडुचेरी के लिए खेलते हुए 300 रन बनाए थे। अब वह अपनी नई पहचान के साथ क्रिकेट में वापसी की कोशिश कर रही हैं। यह मांग न केवल भारतीय क्रिकेट में बल्कि वैश्विक खेल जगत और निष्पक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। अनाया ने ICC और BCCI के साथ मुलाकात की इच्छा जताई है ताकि वह अपने शोध को प्रस्तुत कर सकें। उनका कहना है। खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन और आंकड़ों के आधार पर आंका जाना चाहिए।
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