
Bihar Cabinet Decision: नीतीश कुमार सरकार ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में 36महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दी, जिसमें शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए मानदेय वृद्धि के फैसले शामिल हैं। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में, जहां प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सामग्री और कंप्यूटर उपलब्ध हैं, वहां कार्यरत रात्रि प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी को हरी झंडी दिखाई गई। इसके अलावा, मध्याह्न भोजन योजना (पीएम पोषण) के तहत काम करने वाले रसोइया-सह-सहायकों का राज्य भत्ता ₹650से बढ़ाकर ₹2,300 प्रतिमाह किया गया, जिससे 1अगस्त 2025से उनका कुल मानदेय ₹3,300हो जाएगा। यह कदम शिक्षा और पोषण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ निचले स्तर के कर्मचारियों की आजीविका सुधारने की दिशा में है।
शिक्षकों और स्वास्थ्य मिशन कार्यकर्ताओं को राहत
कैबिनेट ने मध्य विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक शारीरिक शिक्षा और स्वास्थ्य अनुदेशकों के मानदेय को ₹8,000से बढ़ाकर ₹16,000प्रतिमाह करने का फैसला किया, साथ ही उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि ₹200से बढ़ाकर ₹400कर दी गई, जो 1अगस्त 2025से लागू होगी। इसके अलावा, शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल नीति को शामिल करते हुए "बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई और सेवाशर्त) (संशोधन) नियमावली, 2025" को मंजूरी दी गई। स्वास्थ्य क्षेत्र में, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटरों का मासिक पारितोषिक ₹1,000से बढ़ाकर ₹3,000किया गया। साथ ही, चिकित्सा महाविद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत "ममता" कार्यकर्ताओं को प्रति प्रसव ₹300के बजाय ₹600का भुगतान होगा।
समावेशी विकास की दिशा में कदम
इन फैसलों से बिहार सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मचारियों को सशक्त बनाने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दिखाई है। स्थानीय भर्ती को प्राथमिकता और आर्थिक प्रोत्साहन बढ़ाकर राज्य सेवा वितरण को बेहतर करने और कर्मचारियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को ऊपर उठाने की दिशा में अग्रसर है।
Leave a comment