
New GST Reform: 79 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) में बड़े सुधारों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 2017 में लागू हुआ GST अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ है, और अब इसे और सरल बनाने के लिए अगली पीढ़ी के सुधार (नेक्स्ट जनरेशन GST) लाए जाएंगे। इन सुधारों को चालू वित्त वर्ष में दिवाली तक लागू करने का लक्ष्य है। मंत्रियों के समूह (GoM) द्वारा प्रस्तावों की समीक्षा की जा रही है, जिसमें टैक्स स्लैब को कम करना और इनपुट-आउटपुट टैक्स दरों के अंतर को खत्म करना शामिल है।
GST दरों में प्रस्तावित सुधार
स्थानीय माडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार जीएसटी ढांचे में बड़े बदलाव की योजना बना रही है, जो 2017में जीएसटी लागू होने के बाद सबसे बड़ा संशोधन हो सकता है। इस प्रस्ताव में अधिकांश वस्तुओं को 5%और 18%के दो मुख्य टैक्स स्लैब में शामिल करने का सुझाव है। आवश्यक वस्तुओं जैसे भोजन, दवाइयां, और शिक्षा पर टैक्स छूट या केवल 5%टैक्स लगाने की बात है। वहीं, टीवी, एसी, रेफ्रिजरेटर और वाशिंग मशीन जैसे उत्पादों पर टैक्स 28%से घटाकर 18%करने का प्रस्ताव है, जिससे मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी। हालांकि, तंबाकू और ऑनलाइन गेमिंग जैसी वस्तुओं पर 40%की भारी टैक्स दर लागू करने की योजना है।
कृषि, बीमा और अन्य क्षेत्रों पर प्रभाव
कृषि क्षेत्र में स्प्रिंकलर और मशीनरी जैसे उपकरणों पर जीएसटी 12%से घटाकर 5%करने का प्रस्ताव है। बीमा सेवाओं पर टैक्स 18%से कम होकर 5%या शून्य भी हो सकता है, और मेडिकल उत्पादों व दवाओं पर कम दरें लागू हो सकती हैं। पेट्रोलियम उत्पाद जीएसटी के दायरे से बाहर रहेंगे, जबकि सोना, चांदी (3%) और हीरे (0.25%) पर टैक्स अपरिवर्तित रहेगा। कपड़ा और उर्वरकों के लिए भी सुधार प्रस्तावित हैं। इन प्रस्तावों को तीन मंत्रिसमूह (GOM) की समीक्षा के बाद जीएसटी काउंसिल के पास भेजा जाएगा, जो सितंबर या अक्टूबर में अंतिम निर्णय ले सकती है। इस सुधार का उद्देश्य टैक्स नियमों को सरल बनाना, लागत कम करना और परिवारों, किसानों, महिलाओं, छात्रों व मध्यम वर्ग को सहायता प्रदान करना है।
आगामी GST परिषद बैठक में होगा अंतिम फैसला
वित्त मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर सुधारों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। सितंबर में होने वाली GST परिषद की बैठक में मंत्रिसमूह की सिफारिशों पर चर्चा होगी। इसमें 12%स्लैब को हटाने, स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर कर छूट, और आवश्यक वस्तुओं की दरों को युक्तिसंगत बनाने जैसे प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। इन सुधारों से टैक्स प्रणाली को और पारदर्शी व जन-हितैषी बनाने का लक्ष्य है।
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