
India Vs England Test:टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारतीय टीम पर एक ऐसा काला धब्बा लगा है, जो आने वाले कई दशकों तक नहीं मिटने वाला। लगभग एक सदी तक ऑस्ट्रेलिया के नाम यह बदनामी थी कि एक टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा शतक लगाने के बावजूद उनकी टीम को हार मिली थी। यह घटना 1928-29 के सीजन की है, जब ऑस्ट्रेलियाई टीम के चार बल्लेबाजों ने एक टेस्ट में शतक बनाए, फिर भी टीम हार गई। लेकिन अब भारतीय टीम ने लीड्स टेस्ट में पांच शतक जड़कर यह शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, क्योंकि इसके बावजूद उन्हें हार का सामना करना पड़ा। यह भारतीय क्रिकेट के लिए अब तक की सबसे अपमानजनक हार मानी जा रही है।
भारत की बल्लेबाजी का जलवा
इस मुकाबले में इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ने पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 471 रन बनाए, जिसमें यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और ऋषभ पंत के शतक शामिल थे। यह प्रदर्शन देखकर लग रहा था कि भारत मैच में मजबूत स्थिति में है। इंग्लैंड ने जवाब में 465 रन बनाए, जिसमें ओली पोप का शतक और हैरी ब्रूक की 99 रनों की पारी उल्लेखनीय थी।
दूसरी पारी में भी शतक, फिर भी हार
भारत ने दूसरी पारी में 364 रन बनाए, जिसमें केएल राहुल और ऋषभ पंत ने फिर से शतक जड़े। भारत ने इंग्लैंड को 371 रनों का लक्ष्य दिया, जो मुश्किल लग रहा था। लेकिन इंग्लैंड ने बेन डकेट की 149 रनों की शानदार पारी, जैक क्राउली के 65 और जो रूट के 53 रनों की मदद से 82 ओवरों में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। यह हार भारतीय क्रिकेट के लिए एक काला अध्याय बन गई। पांच शतकों के बावजूद हार का सामना करना टेस्ट इतिहास में दुर्लभ और आम नहीं है। इस हार ने प्रशंसकों और विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है, और यह सवाल उठ रहे हैं कि इतने शानदार प्रदर्शन के बाद भी भारत क्यों हारा।
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