
नई दिल्ली: कतर में खेला जा रहा विश्व का सबसे प्रसिद्ध फीफावर्ल्ड कप 2022 इस साल हमेशा की तरह विवादों मे छाया हुआ है। इस वर्ष फीफा वर्ल्ड कप का आयोजन कतर में किया जा रहा है। इस टूर्नामेंट के लिए कई सालों से कतर में तैयारियां चल रही थी। यहां स्टेडियम समेत नए बुनियादी ढांचे बनाने में मजदूरों की मौत की भी खबरें सामने आई है। जिस कारण पूरे विश्व में कतर को लेकर बवाल मचा हुआ है। कतर के ही एक अधिकारी ने खुलासा करके बताया कि फीफा वर्ल्ड कप की पूरी तैयारियों के दौरान 400 से 500 मजदूरों ने अपनी जान गवा दी। इसको लेकर एक वीडियो भी वायरल हुआ है।
फीफा विश्व कप 2022 का आयोजन इस साल कतर में किया गया है। इस टूर्नामेंट की तैयारियां कई सालों से कतर में ज़ोर शोर से चल रही है। हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूरों को टूर्नामेंट की तैयारियां में लगा दिया गया था। 200 अरब डॉलर से अधिक के स्टेडियम, मेट्रो लाइन और टूर्नामेंट के लिए आवश्यक नए बुनियादी ढांचे का निर्माण पिछले कुछ ही सालो में बहुत तेज़ी से किया गया। लेकिन फिर भी क्यों कतर में विवादो की ख़बरे सामने आ रही है आइए जानते है।
फीफा विश्व कप 2022 के आयोजन से जुड़े कतर के एक शीर्ष अधिकारी ने पहली बार टूर्नामेंट से जुड़े मजदूरों की मौत के आंकड़े को लेकर कुछ ऐसे खुलासे किए है जो पूरे देश को हैरान कर चुके है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि टूर्नामेंट की तैयारियों के कार्यों के दौरान सैकड़ों मजदूरों की मौत हो गयी है। लेकिन फीफा वर्ल्ड कप 2022 की तैयारी में करीब ‘400 से 500’मजदूरों ने अपनी जान गंवा दी है, यह खुलासा खुद फीफा वर्ल्ड कप के आयोजन ने किया है। यह दोहा की ओर से इससे पहले बताई गई किसी भी संख्या से काफी अधिक है। कतर की ‘डिलीवरी और लीगेसी’ से जुड़ी शीर्ष समिति के महासचिव हसन अल-थावाडी ने ब्रिटिश पत्रकार पियर्स मोर्गन को इंटरव्यू में यह आंकड़ा बताया है। पियर्स ने इस इंटरव्यू की एक क्लिप भी सोशल मीडिया पर शेयर की है।
इस खुलासे के बाद मानवाधिकार समूहों के द्वारा आलोचना तेजी से बढ़ गई है, श्रमिकों की मौत के आंकड़े के कारण पूरे विश्व में कतर सरकार को लेकर गुस्सा दिख रहा है। शीर्ष समिति और कतर की सरकार ने मंगलवार को प्रतिक्रिया के आग्रह पर चुप्पी साध रखी है।
कतर अधिकारी ने पत्रकार के सवाल पर किया खुलासा
इंटरव्यू में ब्रिटिश पत्रकार मोर्गन ने हसन से सवाल पूछा, 'वर्ल्ड कप से जुड़े कार्य करने के परिणाम स्वरूप प्रवासी श्रमिकों की मौत से जुड़ा ईमानदार, यथार्थवादी आंकड़ा क्या है?' हसन ने जवाब देते हुए कहा , ‘अनुमान 400 के आसपास है, 400 और 500 के बीच। मेरे पास सटीक संख्या नहीं है।’ लेकिन इस आंकड़े पर इससे पहले सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की गई थी।
मेजबानी मिलने से 2021 तक 6500 लोगों की मौत हो गयी
2014 से 2021 के अंत तक की शीर्ष समिति की रिपोर्ट में केवल विश्व कप की मेजबानी करने वाले स्टेडियमों के निर्माण और नवीनीकरण में शामिल श्रमिकों की मृत्यु की संख्या शामिल है। कतर सरकार के मुताबिक, 2010 और 2019 के बीच देश में कुल मिलाकर 15,021 प्रवासियों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट में बताया गया है की फीफा विश्व कप 2022 के द्वारा प्राप्त महेजबानी के बाद 2021 में 6500 से ज्यादा प्रवासियों ने अपनी जान गवा दी है। यह प्रवासी मजदूर भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका के थे।
फीफा वर्ल्ड कप स्टेडियम बनाने के समय 30,000 विदेशी मजदूरों को कार्यों पे लगाया गया था। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने पाया कि इन मजदूरों में से 2020 में 50 लोगों की काम के दौरान मौत हो गई। 500 से अधिक गंभीर रूप से घायल हो गए और 37,600 को हल्की से मध्यम चोटों के चपेट में आ गए।
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