
Dhanteras Shubh Muhurat: आज से दिवाली का त्योहार शुरु हो चुका है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज धनतेरस का पर्व मनाया जा रहा है। धनतेरस दो शब्दों से बना है- धन और तेरस। जिसमें धन का मतलब संपत्ति और समृद्धि है और तेरस का अर्थ हिंदू कैलेंडर की 13वीं तिथि है। ये त्योहार कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इसलिए इसे 'धन त्रयोदशी' के नाम से भी जाना जाता है।
यह त्योहार खुशहाली, समृद्धि और सेहतमंद जीवन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सोना-चांदी के आभूषण के अलावा कुछ अन्य वस्तुओं को खरीदना शुभ माना गया है। इस दिन भगवान धन्वतरि आरोग्यता के देवता हैं। साथ ही यह दिन कुबेर और लक्ष्मी माता की पूजा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इनके साथ धनतेरस की रात यमराज की पूजा करने का विशेष महत्व है। इनकी पूजा-अर्चना करने से अच्छी सेहत और रोगों से मुक्ति मिलती है।
धनतेरस का शुभ मुहूर्त
धनतेरस की त्रियोदशी तिथि 29अक्तूबर को सुबह 10बजकर 31मिनट से शुरू हो जाएगी। जिसका समापन 30अक्तूबर दोपहर 1बजकर 15मिनट खत्म होगा।
इस दिन प्रदोष काल शाम 5बजकर 38मिनट से रात 8बजकर 13मिनट तक रहेगा।
धनतेरस के लिए 29अक्तूबर को गोधूली काल शाम 6बजकर 31मिनट से रात 8बजकर 31मिनट तक रहेगा।
धनतेरस पर बन रहे ये दुर्लभ संयोग
इस बार धनतेरस पर 100साल बाद कई दुर्लभ संयोग बन रहे है। इस दिन इंद्र योग, त्रिपुष्कर योग, लक्ष्मी नारायण योग, त्रिग्रही योग, शश महापुरुष राजयोग जैसे कुल 5शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है।
इंद्र योग: 28अक्टूबर 2024, सुबह 6.48 - 29अक्टूबर 2024, सुबह 07.48
त्रिपुष्कर योग: 06.31 - सुबह 10.31 (29अक्टूबर)
धनतेरस की रात जलाएं यम दीपक
धनतेरस की रात यमराज की पूजा करने का विशेष महत्व है। इसलिए इस दिन यमराज की पूजा कर के घर के मुख्यद्वार पर चौमुखी दीपक जलाया जाता है। जिसे यम दीपक कहते हैं। इसके लिए आटे का चौमुखा दीपक बनाकर उसमें 4बाती लगाकर, उसमें सरसों का तेल भरें। फिर इस दीपक को जलाकर घर के दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रख दें।
धनतेरस पर क्या करना चाहिए?
धनतेरस के दिन सोना, चांदी, बर्तन, गहने, वाहन, संपत्ति, घर, या अन्य कीमती सामान खरीदने का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस दिन जो भी चीजें खरीदी जाती हैं, वह घर में समृद्धि और धन का आगमन करती हैं।
घर के मुख्य दरवाजे पर यमदेव देवता का ध्यान करके दक्षिण दिशा पर दीपक स्थापित करें। इससे अकाल मृत्यु का भय नहीं होता है।
इसके अलावा आप दक्षिणावर्ती शंख, नमक, धनिया, धातु का बर्तन जरुर खरीद सकते है। इससे सुख-सौभाग्य और अच्छा स्वास्थ मिलता है।
धनतेरस पर क्या न करें?
धनतेरस पर लोहा खरीदना अशुभ माना जाता है। इसका सीधा संबंध शनि और राहु से होता है। इससे घर की सुख-शांति भंग होती है। इस दिन किसी से न कर्ज लेना चाहिए और ना ही कर्ज देना चाहिए।
इस दिन घर की साज-सजावट के लिए कई लोग कांच का सामान, बर्तन खरीदते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन कांच खरीदने से रिश्तों में दरार आती है।
धनतेरस के मौके पर कई लोग अपनी इस्तेमाल की गई चीजों को बेच देते हैं। जैसे, सोफा, फ्रिज, अलमारी या टेबल आदि। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिन पुरानी चीजें खरीदनी नहीं चाहिए। इससे घरों में कलेश की स्थिति पैदा होने लगती है।
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