हरियाणा कांग्रेस पर गुटबाज़ी, कलह भारी

हरियाणा कांग्रेस पर गुटबाज़ी, कलह भारी

हरियाणा में विधानसभा चुनाव का बिगुल अब कभी भी बज सकता है। ऐसे में उम्मीद तो यही की जानी चाहिए थी, कि हर दल अपनी चुनावी रणनीति के साथ मैदान में उतरने के लिए बिलकुल तैयार होगा, और उसके सिपाही सियासी मोर्चे को संभलते हुए जी जान से मुकाबले के लिए डट जाएंगे।

लेकिन हरियाणा में ये तस्वीर अब तक धुंधली है। फरवरी 2014 में हरियाणा महिला कांग्रेस की कमान संभालने वाली सुमित्रा चौहान ने कांग्रस को अलविदा कहकर, बीजेपी का दामन थाम लिया है। एक तरफ कुमारी शैलजा हरियाणा कांग्रेस की कमान संभालने जा रही हैं,वहीं दूसरी तरफ पार्टी को प्रदेश में तगड़ा झटका लगा है।

हरियाणा महिला कांग्रेस की प्रधान सुमित्रा चौहान ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थाम लिया है। हरियाणा बीजेपी प्रधान सुभाष बराला की मौजूदगी में सुमित्रा चौहान बीजेपी  में शामिल हुई। इस्तीफा देने के पीछे सुमित्रा चौहान ने उन मुद्दों को बड़ी वजह बताया, जो देशहित में थे, लेकिन उनका विरोध कांग्रेस करती रही सुमित्रा चौहान के मुताबिक तीन तलाक का मुद्दा मुस्लिम महिलाओं के हित से जुड़ा था, लेकिन पार्टी इसका विरोध कर रही थी। 

इसके अलावा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 ए को खत्म करना भी देशहित में उठाया गया कदम था, लेकिन कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इसके विरोध में रहा। इससे आहत होकर ही उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दिया। एक तरफ सुमित्रा चौहान ने कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया है, तो वहीं किरण चौधरी भी पार्टी से नाराज सदस्यों की लिस्ट मेंशामिल हो गई हैं। कुल मिलाकर कांग्रेस का कुंबा अब भी गुटों में बंटा दिखाई दे रहा है। हरियाणा में विपक्षी दल कितने मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं  है इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि कुछ दिन पहले, जेजेपी और बसपा के बीच जो गटबंधन हुआ था, वो भी अब टूट चुका है।

एक तरफ मुख्यमंत्री मनोहर लाल लक्ष्य 75 पल्स को लेकर सभी 90 विधानसभाओं का फासला तय कर चुके हैं, तो दूसरी तरफ विपक्षी दल हैं, जिनकी चुनावी रणनीति अब भी वहीं दिखाई दे रही है, जहां पहले थी। जेजेपी और बसपा के बीच गठबंधन की गांठ खुल चुकी है, तो वहीं कांग्रेस संगठन में जो बदलाव हुआ है उसने कुछ पार्टी सदस्यों के दिल में गांठ लगा दी है। ऐसे में खुद में उलझा विपक्ष सत्ता के सिंहास तक पहुंचने की गुत्थी को कैसे सुलझाता है, ये देखने वाली बात होगी।

 

 

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