Explainer: 'शुद्ध घी की जगह जानवरों की चर्बी...', नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ने किया कंफर्म, समझिए जांच रिपोर्ट में क्या-क्या है?

Explainer: 'शुद्ध घी की जगह जानवरों की चर्बी...',  नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ने किया कंफर्म, समझिए जांच रिपोर्ट में क्या-क्या है?

 Tirupati Temple Controversy: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को एक ऐसा बयान दिया था, जिससे सियासी बवाल मच गया है। सीएम नायडू ने YSRCP सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि पिछली सरकार के राज में तिरुपति मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, अब प्रसाद में उपयोग होने वाले घी की जांच रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें मछली के तेल और जानवरों की चर्बी मिलाने के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है।

दरअसल, बुधवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने NDA विधायक दल की बैठक को संबोधित किया था। इस बैठक में उन्होंने कहा है कि पिछली सरकार यानी जगन रेड्डी सरकार के राज में तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी के इस्तेमाल होने का आरोप लगाया है।

करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को किया भंग

प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले लड्डू बनाने के लिए शुद्ध घी की जगह जानवरों की चर्बी का उपयोग किया गया था। वहीं, इस मामले के सामने आते ही पूरे देश के संतों में नाराजगी देखने को मिल रही है। उनका कहना हैं कि तत्काल प्रभाव से मंदिर का ट्रस्ट बोर्ड भंग किया जाना चाहिए। चूंकि, ये मामला सीधे तौर पर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है। 

लैब रिपोर्ट में घी में मिलावट की पुष्टि

इसी साल लोकसभा चुनाव में नायडू की तेलुगु देशम पार्टी जून में पवन कल्याण की जन सेना और भाजपा के साथ गठबंधन करके आंध्र प्रदेश में सत्ता में आई है। जिसके बाद 9 जुलाई को मंदिर बोर्ड ने घी के सैंपल गुजरात स्थित पशुधन लैब (NDDB CALF Ltd.) में भेज। जिसकी लैब रिपोर्ट 16 जुलाई को आई। इस रिपोर्ट में घी में मिलावट करने की पुष्टि की गई है। CALF ने बताया कि जानवरों की चर्बी और फिश ऑयल से तैयार घी में प्रसादम के लड्डुओं बनाए जा रहे हैं।

आपको बता दें, CALF (पशुधन और फूड में एनालिसिस और लर्निंग सेंटर) गुजरात के आनंद में स्थित NDDB (राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड) में विश्लेषणात्मक प्रयोगशाला है।

18 सितंबर की रिपोर्ट पर सनाल

इस रिपोर्ट के आने के बाद 22 जुलाई को मंदिर ट्रस्ट ने बैठक की। जिसके बाद फिर से 23 जुलाई को घी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए थे। अब इसकी रिपोर्ट 18 सितंबर को सामने आई। जिसके तुरत बाद सीएम नायडू ने कई सवाल उठाए है। नायडू सरकार ने कहा कि पिछली जगन मोहन रेड्डी सरकार ने हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। मंदिर की पवित्रता को ठेस पहुंचाई है। लोगों की आस्था से भी बहुत बड़ा खिलवाड़ हुआ। जो रिपोर्ट अभी सामने आई है, वो जुलाई की है। मेरी सरकार आने के बाद इस पर रोक लगाई गई है।

रिपोर्ट में की गई मिलावटी की पुष्टि

भेजे गए घी के सैंपल के जांच में पता चला कि इन लड्डुओं में जिस घी का इस्तेमाल हो रहा था, वो मिलावटी था। इसमें फिश ऑयल, एनिमल टैलो (पशु में मौजूद फैट) और लार्ड (जानवरों की चर्बी) की मात्रा पाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार,, प्रसादम लड्डू में सोयाबीन, सूरजमुखी, जैतून, रेपसीड, अलसी, गेहूं के बीज, मक्का के बीज, कपास के बीज, मछली का तेल, नारियल और पाम कर्नेल वसा, पाम तेल और बीफ टेलो (गौमांस की चर्बी), लार्ड शामिल है।

प्रसाद के लिए कमेटी का गठन

तिरुपति मंदिर देश के सबसे बड़े मंदिरों में से एक है। सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में लड्डू दिए जाते हैं। हर दो साल में आंध्र प्रदेश की राज्य सरकार इस पूरी व्यवस्था का संचालन करने के लिए कमेटी का गठन करती है। इस कमेटी का नाम है- तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम्। यही कमेटी प्रसाद के लड्डुओं को बनाने के लिए सभी सामग्री को खरीदती है।

मंदिर में घी सप्लाई की जिम्मेदारी किसकी?

बीते 50 साल से कर्नाटक कॉपरेटिव मिल्क फेडरेशन (KMF) रियायती दरों पर मंदिर कमेटी को शुद्ध देसी घी की सप्लाई कर रही थी। लेकिन जुलाई 2023 में कंपनी ने कम रेट में घी सप्लाई करने से इनकार कर दिया। इस समस्या के बाद तत्कालीन जगन मोहन रेड्डी सरकार ने 5 फर्म को घी सप्लाई की जिम्मेदारी दे दी। इसी साल जुलाई में सैंपल में गड़बड़ी पाए जाने के बाद नायडू सरकार अलर्ट ने 29 अगस्त को फिर KMF को सप्लाई का काम सौंप दिया।

जांच के लिए कमेटी का गठन

रिपोर्ट में घी मिलावट की पुष्टि के बाद अब इस मामले की जांच विजिलेंस को सौंपी गई है। साथ ही, मंदिर बोर्ड ने घी की गुणवत्ता और निगरानी के लिए 4 सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।

इस मामले में FIR दर्ज

इस मामले में वकील विनीत जिंदल ने गृह मंत्रालय और DGP आंध्र प्रदेश को शिकायती पत्र भेजा है। इस शिकायती पत्र में पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के पदाधिकारियों और तिरुपति मंदिर में प्रसाद के लिए मिलावटी घी की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की है। इन शिकायतों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 152, 192, 196, 298 और 353 के तहत FIR दर्ज की गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाने की गुहार लगाई है।

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