Maharashtra New CM: महाराष्ट्र में शिंदे के बिना सरकार बनाना मुमकिन, फिर भी भाजपा को क्यों चाहिए उनका सहयोग?

Maharashtra New CM: महाराष्ट्र में शिंदे के बिना सरकार बनाना मुमकिन, फिर भी भाजपा को क्यों चाहिए उनका सहयोग?

Eknath Shinde Maharashtra: महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन के तहत मुख्यमंत्री पद पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे, जो राज्य में ढ़ाई साल तक मुख्यमंत्री रहे हैं, एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। वहीं भाजपा भी चाहती है कि उनका पार्टी का नेता मुख्यमंत्री बने। शिंदे से इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है, लेकिन उन्होंने कुछ ऐसी शर्तें रखी हैं जिन्हें मानना भाजपा के लिए मुश्किल हो सकता है।

भाजपा बहुमत से केवल 13सीट दूर

भाजपा ने इस चुनाव में 136सीटें जीती हैं, जो 288सदस्यीय विधानसभा में बहुमत से सिर्फ 13सीटें कम हैं। 2019के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 105सीटें मिली थीं, तब वे बहुमत से 40सीट दूर थे। इस बार भाजपा ने अपनी स्थिति मजबूत की है और अब महायुति गठबंधन के पास 235सीटें हैं। इसमें भाजपा की 136, शिवसेना (शिंदे गुट) की 57और NCP (अजित गुट) की 41सीटें शामिल हैं।

शिंदे के बिना सरकार बनाना संभव

अगर शिवसेना (शिंदे गुट) गठबंधन तोड़ने का फैसला करती है, तो महायुति के पास 178सीटें होंगी, जो बहुमत के आंकड़े 145से 33सीटें अधिक हैं। इस लिहाज से भाजपा शिंदे के बिना भी सरकार बना सकती है। हालांकि, शिंदे भाजपा के लिए एक मजबूरी बन गए हैं।

शिंदे की भूमिका क्यों अहम है?

मराठा सेंटिमेंट:शिंदे मराठा समुदाय के प्रमुख नेता हैं और उनके नेतृत्व में भाजपा को मराठा वोटों का समर्थन मिला है। शिंदे को दरकिनार करने से भाजपा के लिए मराठा वोटों को खोने का खतरा हो सकता है, जो उनकी राजनीति को नुकसान पहुँचा सकता है।

BMC में जीत की चाह:मुंबई के बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की सत्ता पर पिछले 25सालों से शिवसेना का कब्जा है, और भाजपा के लिए BMC जीतने के लिए शिंदे वाली शिवसेना की मदद जरूरी हो सकती है।

सहयोगियों में संदेश:भाजपा के अन्य सहयोगी दलों के लिए महाराष्ट्र में शिंदे को नकारना एक नकारात्मक संदेश हो सकता है। बिहार और आंध्र प्रदेश में भाजपा के सहयोगी मुख्यमंत्री के समर्थन से ही केंद्र सरकार चल रही है। अगर भाजपा ने शिंदे को दरकिनार किया, तो यह अन्य सहयोगी दलों को डराने वाला साबित हो सकता है।

इसलिए, जबकि भाजपा शिंदे के बिना सरकार बना सकती है, उनकी भूमिका और सहयोग भाजपा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

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