सियासी मजबूरी या रणनीतिक चाल…कश्मीर की 28 सीटों पर BJP ने क्यों नहीं उतारे उम्मीदवार?

सियासी मजबूरी या रणनीतिक चाल…कश्मीर की 28 सीटों पर BJP ने क्यों नहीं उतारे उम्मीदवार?

J&K Assembly Election:साल 2002 में, जब अटल बिहारी वाजपेई की सरकार केंद्र में थी, जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में BJP ने 29सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारे थे। उस चुनाव में BJP केवल एक सीट पर सिमट गई थी। अब 2024 में, BJP ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए 28 सीटों पर उम्मीदवार न उतारने का निर्णय लिया है, और ये सभी सीटें कश्मीर रीजन की हैं। इस बार पार्टी के नेता इस फैसले पर कोई बयान देने से बच रहे हैं।

बता दें कि, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 90सीटें हैं, जिनमें 47कश्मीर रीजन और 43जम्मू रीजन की हैं। आगामी विधानसभा चुनाव तीन चरणों में प्रस्तावित हैं: पहला चरण 18सितंबर को, दूसरा चरण 26सितंबर को, और तीसरा चरण 1अक्टूबर को होगा। तीसरे चरण में सबसे अधिक 40सीटों पर मतदान होगा।

BJPने जिन 28सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारे हैं, उनमें शामिल हैं:

कुपवाड़ा जिले की सीटें:त्रेहगाम, कुपवाड़ा, लोआब, और लांगले

बारामूला जिले की सीटें:सोपोर, रफियाबाद, उड़ी, बारामूला, गुलमर्ग, करेड़ी, और पाटन

गांदरबल जिले की सीटें:कंगन और गांदरबल

श्रीनगर जिले की सीटें:हजरतबल, खन्यार, जैदबल, और मध्य शाल्टेंग

बडगाम जिले की सीटें:बडगाम, बीरवाह, और चदूरा

पुलवामा जिले की सीटें:त्राल और पुलवामा

शोपियां की सीट:जैनापोरा

कुलगाम जिले की सीटें:डीएच पोरा, कुलगाम, और देवसर

अनंतनाग जिले की सीटें:दूरू और पहलगाम

BJPकी रणनीतिक योजना या सियासी मजबूरी

रणनीतिक दृष्टिकोण:BJPकी कश्मीर में सफलता पाने के लिए दो प्रमुख रणनीतियाँ हो सकती हैं। पहली रणनीति है जम्मू रीजन की सभी 43सीटें जीतने की कोशिश करना। इस तरह, पार्टी श्रीनगर में सरकार बनाने के लिए आवश्यक 46सीटों की संख्या को आसानी से प्राप्त कर सकती है। दूसरी रणनीति कश्मीर में इंडिया गठबंधन को कमजोर करना है। BJPका मानना है कि अगर इंडिया गठबंधन कश्मीर रीजन की अधिकांश सीटें नहीं जीतता है, तो BJPके लिए सरकार बनाना आसान हो जाएगा। इसलिए, BJPने इन 28सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारकर उन उम्मीदवारों को समर्थन देने का निर्णय लिया हो सकता है, जो इंडिया गठबंधन को हराने में सक्षम हों।

सियासी मजबूरी:BJPकी कश्मीर रीजन में कमजोर स्थिति भी एक कारण हो सकती है। जिन सीटों पर BJPने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं, वहां पार्टी का कोई मजबूत जनाधार नहीं है। उदाहरण के लिए, 2014के चुनाव में कुपवाड़ा की सीटों पर BJPको केवल 2प्रतिशत वोट मिले थे। कश्मीर में मुस्लिम समुदाय की आबादी 90प्रतिशत से अधिक है, जो BJPकी राजनीति के अनुकूल नहीं है। इसलिए, BJPने इन सीटों पर उम्मीदवार नहीं खड़े किए हैं।

किस दिन होगी वोटिंग?

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए 18 सितंबर, 26 सितंबर, और 1 अक्टूबर को मतदान होगा। वोटों की गिनती 8 अक्टूबर को की जाएगी। विधानसभा में सरकार बनाने के लिए कम से कम 46 सीटों की आवश्यकता होगी।

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