बिहार के 3 लाख मतदाताओं पर चुनाव आयोग को है संदेह, इन लोगों को भेजा नोटिस

बिहार के 3 लाख मतदाताओं  पर चुनाव आयोग को है संदेह, इन लोगों को भेजा नोटिस

Bihar Voter List: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) ने लगभग 3 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों में गड़बड़ियां पाईं। इन मामलों को लेकर लोगों को नोटिस भेजकर 7 दिन में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। अधिकारियों की जानकारी के अनुसार, यह संख्या अभी और भी बढ़ सकती है, क्योंकि विधानसभा क्षेत्रों में दस्तावेजों की जांच अभी चल रही है।

बिहार में मतदाता सूची को सटीक और अपडेटेड बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू किया है। 1अगस्त 2025 को मसौदा मतदाता सूची जारी की गई, जिसकी प्रतियां राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई हैं। इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल हो। राजनीतिक दल और आम नागरिक 1सितंबर 2025 तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं, ताकि किसी भी गलती को ठीक किया जा सके। यह प्रक्रिया बिहार के लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

दावों का निपटारा तेज, 28,796 मामलों का समाधान

29 अगस्त 2025 तक मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य के दो बड़े राजनीतिक दलों ने कुल 117 दावे और आपत्तियां दर्ज की हैं। इसमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) (लिबरेशन) ने 108और राष्ट्रीय जनता दल ने 9 दावे पेश किए। अच्छी बात यह है कि इन सभी मामलों का निपटारा समय रहते कर दिया गया है। वहीं, आम मतदाताओं की ओर से 2,11,650 दावे और आपत्तियां आईं, जिनमें से 28,796 का समाधान हो चुका है। यह आंकड़ा बताता है कि लोग अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए आगे आ रहे हैं।

अन्य दलों की चुप्पी और ब्लॉक स्तर पर सक्रियता

इसके अलावा, अन्य राजनीतिक दलों और संगठनों ने अभी तक कोई दावा पेश नहीं किया है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या वे इस प्रक्रिया में पूरी तरह सक्रिय हैं। दूसरी ओर, करोना वायरस के मद्देनजर मतदाता सूची को सही करने के लिए ब्लॉक स्तर पर 6सदस्यों की टीम तैनात की गई है, जो घर-घर जाकर जानकारी जुटा रही है। इससे 11,36,565 दावे और 48,797 आपत्तियों का निपटारा हो चुका है, जो अभियान की सफलता को दर्शाता है।

1सितंबर तक का दिया समय

चुनाव आयोग ने 1अगस्त को जारी की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची में 7.24करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। इन सभी वोटर्स को योग्य साबित करने के लिए चुनाव आयोग की तरफ से निर्धारित 11दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज 1सितंबर तक जमा करना होगा। चुनाव आयोग ने रविवार को एक आधिकारिक बयान में बताया कि अब तक 98.2प्रतिशत वोटरों ने जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, इस हफ्ते से ईआरओ उन मतदाताओं को नोटिस भेज रहे हैं, जिन्होंने या तो कोई दस्तावेज नहीं दिया है, गलत दस्तावेज दिखाए हैं या फिर जिनकी नागरिकता और योग्यता को लेकर संदेह है।

नोटिस में कही गई ये बात

ईआरओ द्वारा जारी नोटिस में किसी खास नियम या कानूनी प्रावधान का उल्लेख नहीं किया गया है। ये केवल एक सामान्य सूचना के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसका उद्देश्य ड्राफ्ट रोल में प्रविष्टियों के सत्यापन से जुड़ा है। नोटिस में कहा गया है कि संबंधित मतदाता का नाम गणना फॉर्म और घोषणा के आधार पर फॉरमेट वोटर लिस्ट में शामिल किया गया था। आपके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान ये देखा गया कि उनमें कुछ गड़बड़ी है। ये गड़बड़ी इस बात पर संदेह पैदा करती हैं कि आप इस विधानसभा क्षेत्र में मतदाता के रूप में रजिस्टर्ड होने के योग्य हैं।

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