Dussehra 2024: पूरे देश में आज मनाया जा रहा बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार, जानें शुभ मुहूर्त और रावण दहन करने का समय

Dussehra 2024:आज पूरे देश में दशहरा का त्योहार का बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह हर साल आश्वन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह दिन श्री राम और रावण के युद्ध के अंत को चिह्नित करता है, जहां भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी। साथ ही देश में दशहरे के दिन रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले जलाए जाते है।
शुभ मुहूर्त
दशमी की तिथि 12 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 58 मिनट से शुरू होकर 13 अक्टूबर की सुबह 9 बजकर 08 मिनट पर समाप्त होगी. लेकिन उदयातिथि के आधार पर, दशहरा 12 अक्तूबर यानी शु्क्रवार को ही मनाया जाएगा। यह दिन विशेष रूप से रावण दहन, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस साल रावण दहन का सही समय शाम 5 बजकर 53 मिनट से 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगा
पूजा विधि:
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स्नान-ध्यान: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और ध्यान लगाएं।
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मंडप सजावट: एक साफ जगह पर मंडप सजाएं। इसमें कलश स्थापना करें, जिसमें पानी, सुपारी, पंच पल्लव (पांच प्रकार के पत्ते) और अक्षत (चावल) रखें।
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गणेश और दुर्गा पूजन: सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें, क्योंकि वे विघ्नहर्ता हैं। फिर मां दुर्गा की पूजा करें, क्योंकि वे शक्ति की उपासना हैं।
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राम और लक्ष्मण की पूजा: भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें। उन्हें फूल, चंदन, रोली, अक्षत, और पुष्प अर्पित करें।
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हवन: हवन करें और आहुतियां दें। हवन के समय राम रक्षा स्तोत्र, दुर्गा चालीसा, और सुंदरकांड का पाठ करें।
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आरती और प्रसाद वितरण: आरती उतारें और प्रसाद वितरित करें। प्रसाद में भोग लगाएं और उसे सभी के साथ बांटें।
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विदाई: पूजा के अंत में, सभी देवताओं को विदाई देते हुए उनका धन्यवाद करें।
महत्व:
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दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह हमें सिखाता है कि अंततः सत्य और धर्म ही विजयी होते हैं।
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इस दिन नए कार्य प्रारंभ करने का भी शुभ माना जाता है, जैसे कि शिक्षा, नए व्यवसाय, या कोई भी
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