
नई दिल्ली: हमें अकसर डॉक्टर दिन में करीब 10 से 12 गिलास पानी पीने की सलाह देते है। वहीं देश के ज्यादातर हिस्से सूखे की मार झेल रहे हैं, जहां पर लोगों के पास साफ पीने का पानी उपलब्ध नहीं है। हालांकि दूषित पानी की वजह से कई रोग ऐसे हैं जो जानलेवा हैं। भारत में जलजनित बीमारियों के कारण होने वाली मौतों का प्रतिशत बहुत ज्यादा है। आज हम आपको बताने वाले है कि गंदा पानी पीने से कौन-कौन सी बीमारियां हो सकते हैं।
1.डायरिया
डायरिया भारत में पानी से संबंधित सबसे अधिक प्रचलित बीमारी है। यह ज्यादातर 5 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है,जो अक्सर उन्हें मृत्यु की ओर ले जाता है।वही डायरिया का संक्रमण दूषित भोजन और पीने के पानी से होता है।हालांकि डायरिया का असर 2 सप्ताह तक रह सकता है और व्यक्ति को पूरी तरह से डिहाइड्रेट कर सकता है।
2.हैजा
भारत में हर साल हजारों लोग हैजे का शिकार होते हैं। हैजा एक जलजनित बीमारी है। बार-बार दस्त लगना इसके सामान्य लक्षण हैं। अगर इसका समय पर इलाज न किया गया तो व्यक्ति की जान भी जा सकती है। हैजा तब होता है जब कोई पानी में वाइब्रियो कोलेरी जीवाणु घुल जाता है।
3.मलेरिया
मलेरिया या मलेरिया बुखार प्लास्मोडियम परजीवी मच्छर द्वारा फैलता है जो झीलों, पोखरों, तालाबों और धान के खेतों में प्रजनन करता है। इन घातक परजीवियों के लिए स्थिर पानी एक और पसंदीदा प्रजनन स्थल है। मलेरिया ज्यादातर भारत में बच्चों को मारता है। हालांकि, वयस्कों में प्रतिरक्षा कमजोर होने के साथ होता है।
4.डिहाइड्रेशन
गंदे पानी के सेवन से व्यक्ति को डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती। लेकिन यदि व्यक्ति गंदे पानी का सेवन करता है तो ऐसे में व्यक्ति को डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, जिसके कारण बेहोशी, चक्कर आना आदि समस्याएं नजर आ सकती है।
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