UP Kanwariya Dispute: उत्तर प्रदेश के कन्नौज में कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे को शहर के अंदर ले जाने को लेकर बड़ा विवाद हो गया। पुलिस द्वारा डीजे रोकने पर कांवड़ियों और पुलिस के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की हो गई। इससे नाराज कांवड़िए सड़क पर बैठकर विरोध करने लगे। मामला बढ़ता देख प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर कांवड़ियों से बातचीत करनी पड़ी।
बोर्डिंग ग्राउंड में की गई थी भोजन की व्यवस्था
बताया जा रहा है कि हरदोई के बिलग्राम और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में कांवड़िए कन्नौज के सिद्धपीठ गौरीशंकर मंदिर में गंगाजल चढ़ाने के लिए पहुंचे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले करीब 30 वर्षों से यहां से कांवड़ियों का जत्था कन्नौज आता है। इस बार भी हजारों कांवड़िए यात्रा में शामिल हुए थे। कन्नौड़ियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था बोर्डिंग ग्राउंड में की गई थी।
पुलिस ने डीजे ले जाने पर रोका
कांवड़ियों का जत्था डीजे के साथ आगे बढ़ रहा था। जब वे कन्नौज शहर के अंदर जाने लगे, तो पुलिस ने डीजे ले जाने पर रोक लगा दी। इस बात को लेकर पहले बहस हुई और फिर विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते पुलिस और कांवड़ियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद कांवड़िए सड़क पर बैठ गए और विरोध करने लगे।
कोतवाल जितेंद्र पर उठे सवाल
स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। ADM देवेंद्र सिंह ने कांवड़िया प्रतिनिधियों के सामने हाथ जोड़कर पुलिस की ओर से माफी मांगी और विवाद खत्म करने की अपील की। इसी दौरान कांवड़ियों से कथित अभद्र व्यवहार को लेकर कोतवाल जितेंद्र पर भी सवाल उठे। बढ़ते विवाद के बीच कोतवाल ने कांवड़ियों के सामने अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर उनसे कोई गलती हुई है तो ईश्वर न्याय करेगा और वह इस्तीफा दे देंगे।
कैसे हुआ कांवड़ियों का विरोध खत्म?
मामला शांत कराने के लिए जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कांवड़िया प्रतिनिधियों से बातचीत की। इसके बाद डीजे को शहर के अंदर ले जाने की अनुमति दे दी गई। अनुमति मिलने के बाद कांवड़ियों का विरोध खत्म हुआ और यात्रा आगे बढ़ सकी।
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