
Transaction Through UPI: लूटपाट पर रोक लगाने और कैश लेकर चलने की झंझट को खत्म करने के लिए शुरू हुआ यूपीआई यानी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन हर दिन नया अध्याय जोड़ रहा है। विश्व के अधिकतर देशों में जहां यूपीआई की शुरुआत हो रही है, तो दूसरी तरफ भारत के लोग ने आधुनिक युग में डिजिटल होने का सबूत दे दिया है।
बता दें कि हर साल की तरह इस साल भी केंद्र सरकार ने डेटा जारी किया है। सरकार ने यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस के जरिए हुए लेन-देन का डेटा जारी किया है। यह डेटा वित्त मंत्रालय ने जारी किया है और नया रिकॉर्ड बना दिया है।
सात देशों में यूज होता है यूपीआई
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी डेटा के अनुसार, इस साल जनवरी से लेकर नवंबर तक 15,547करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ है। वित्त मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि यूपीआई के जरिए किए गए ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू 223लाख करोड़ रुपए है। इसके साथ ही वित्त मंत्रालय ने यूपीआई के उपयोग को बढ़ाने देने का कहा है। साथ ही कहा कि विश्व स्तर पर यूपीआई का चलन बढ़ा है। बता दें कि फिलहाल यूपीआई दुनिया के सात देशों में काम करता है। जिसमें यूएई, सिंगापुर, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरिशस शामिल है।
साल 2016 में हुआ शुरू
सरकार की ओर से बताया गया है कि यूपीआई और रुपे कार्ड दोनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से बढ़ा है। इस साल अप्रैल से अक्टूबर तक 63,825.8 करोड़ रुपए से ज्यादा यूपीआई क्रेडिट कार्ड के जरिए ट्रांजैक्शन हुआ है। बता दें कि यूपीआई ऐसी प्रणाली जो बैंक खातों से पैसा तुरंत ट्रांसफर करता है। इसमें कोई कागज की जरूरत नहीं होती। बता दें कि यूपीआई 2016 में लॉन्च किया गया था। वहीं, इसी साल नोटबंदी भी हुआ था। जिसके बाद ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का चलन बढ़ा है।
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