Rahul Gandhi News: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने आवास पर विपक्षी सांसदों को चाय पर आमंत्रित किया है। यह बैठक इंडिया ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने के एक दिन बाद हो रही है। माना जा रहा है कि इस दौरान SIR के मुद्दे पर आगे की रणनीति और विपक्ष की आगामी कार्रवाई को लेकर चर्चा हो सकती है।
सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के विरोध में मार्च निकाला। यह मार्च बाराखंबा रोड से होते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ा। इसके बाद 11 विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। वहीं, इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हैं।
पवन खेड़ा बोले- न्यायपालिका पर पूरा भरोसा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पार्टी को देश की न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और इसी भरोसे के साथ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस पूरी प्रक्रिया से असहमत है और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
खेड़ा ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दल आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श कर रहे हैं और उचित समय पर अपने अगले कदम की घोषणा करेंगे। ये आरोप कांग्रेस नेता ने लगाए हैं।
मनीष तिवारी ने रखीं दो मांगें
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने SIR विवाद को लेकर विपक्ष की दो प्रमुख मांगें सामने रखीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा मतदाता सूची को रद्द कर वर्ष 2024 की मतदाता सूची बहाल की जाए। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। दूसरी ओर, इन आरोपों और मांगों के बीच मामले का कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण बना हुआ है।
राहुल गांधी बोले- संघर्ष जारी रहेगा
सोमवार को विरोध मार्च के दौरान राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं का समर्थन देने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को डराया या धमकाया नहीं जा सकता और विपक्ष लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेगा।
राहुल गांधी ने विपक्षी एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि यह अलग-अलग दलों का विरोध नहीं, बल्कि एक साझा आंदोलन है। मंगलवार को अपने आवास पर विपक्षी सांसदों के साथ प्रस्तावित चाय बैठक को इसी घटनाक्रम की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में SIR विवाद, सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं और विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।