Delhi News: दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं आशुतोष रांका, सौरभ दास और अजिंक्य शिंदे को उस समय हिरासत में ले लिया, जब उन्होंने जंतर-मंतर को विरोध स्थल घोषित किए जाने के बाद सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने X पर पोस्ट कर कहा कि “तिरंगा लिए कॉकरोच आज सुबह जंतर-मंतर में घुस गए, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने पकड़ लिया। आशुतोष रांका, सौरभ दास और अजिंक्य शिंदे को अन्य टीम सदस्यों के साथ हिरासत में लिया गया है। आप प्रतिरोध को रद्द नहीं कर सकते।
सुबह के समय जंतर-मंतर के यह सभी लोग इकट्ठा हुआ थे। खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के प्रदर्शन शुरू करने के कुछ ही समय बाद सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्हें हिरासत में ले लिया, जिसके बाद उन्हें स्थल से हटा दिया गया। इससे पहले, दिपके ने जंतर-मंतर को विरोध स्थल घोषित किए जाने का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि किदिल्ली एक बार फिर लोकतंत्र को बचाने के लिए उमड़े लोगों से भरी हुई है। अगर मोदी को लगता है कि जंतर-मंतर को हटाकर विरोध प्रदर्शन खत्म हो जाएंगे, तो वे गलतफहमी में हैं। जंतर-मंतर सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि प्रतिरोध की एक भावना है जिसे कोई कभी छीन नहीं सकता। आज मोदी ने जंतर-मंतर को निर्धारित विरोध स्थल की सूची से हटा दिया। कल वे लोकतंत्र को ही रद्द कर देंगे। तानाशाह की समस्या कभी विरोध स्थल नहीं थी। समस्या तो लोगों के विरोध करने का विचार ही था,
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी जंतर-मंतर को निर्धारित विरोध स्थल की सूची से हटाने की आलोचना करते हुए सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को सीमित करने और असहमति के अधिकार को निशाना बनाने का आरोप लगाया। X पर एक पोस्ट में रमेश ने आरोप लगाया कि यह कदम प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नेतृत्व में व्याप्त घबराहट को दर्शाता है, और दावा किया कि जंतर-मंतर अब वह स्थान नहीं रहेगा जहां लोकतंत्र को नियमित रूप से बढ़ावा मिलता था। रमेश ने लिखा कि यह प्रधानमंत्री-गृह मंत्री की जोड़ी में व्याप्त अत्यधिक घबराहट का स्पष्ट संकेत है कि ऐतिहासिक जंतर-मंतर अब वह स्थान नहीं रहेगा जहां हमारे लोकतंत्र को रोजाना बढ़ावा मिलता था।