Delhi Pollution: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर बढ़ने लगा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार सुबह 7 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 226 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। इससे पहले बुधवार को भी राजधानी की हवा की गुणवत्ता में गिरावट देखने को मिली थी। दशहरा उत्सव के बाद शहर के कुछ हिस्सों में धुंध की मोटी परत छाई रही, जिससे प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है।
CPCB के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। जहांगीरपुरी में AQI 309 और चांदनी चौक में 307 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। इसके अलावा पटपड़गंज में AQI 298, रोहिणी में 291, अलीपुर में 273, बवाना में 275, ITO में 280, वजीरपुर में 253, आनंद विहार और अक्षरधाम में 237-237, जबकि अशोक विहार में 223 दर्ज किया गया। इन सभी स्थानों पर हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही।
दिल्ली में तेजी से बढ़ा प्रदूषण
आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार सुबह 10 बजे दिल्ली का AQI बढ़कर 238 पहुंच गया था, जबकि मंगलवार दोपहर यह 179 दर्ज किया गया था। यानी महज एक दिन में वायु गुणवत्ता सूचकांक में 59 अंकों की बढ़ोतरी हुई। लगातार बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
दिल्ली-NCR में GRAP-1 लागू
वायु गुणवत्ता में गिरावट को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया। यह फैसला संबंधित उपसमिति की बैठक में क्षेत्र की वायु गुणवत्ता और आने वाले दिनों के पूर्वानुमान की समीक्षा के बाद लिया गया।
आयोग के आदेश के अनुसार, 20 अक्टूबर को दिल्ली का AQI 179 था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। इसके बाद 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे यह बढ़कर 244 हो गया और खराब श्रेणी में पहुंच गया। मौसम संबंधी एजेंसियों के पूर्वानुमान में भी आगामी दिनों में हवा की गुणवत्ता खराब रहने की आशंका जताई गई थी।
GRAP-1 के तहत संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपाय लागू करने, उनकी निगरानी करने और जरूरत के अनुसार कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, नागरिकों से भी पहले चरण के तहत जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
कितना AQI होने पर कैसी होती है हवा?
CPCB के मानकों के अनुसार, AQI 0 से 50 तक रहने पर हवा अच्छी, 51 से 100 तक संतोषजनक और 101 से 200 तक मध्यम श्रेणी में मानी जाती है। वहीं, 201 से 300 तक खराब, 301 से 400 तक बहुत खराब और 401 से 500 तक गंभीर श्रेणी होती है।
दिल्ली में AQI का 226 तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि राजधानी की हवा फिलहाल खराब श्रेणी में बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।