SIR पर सियासत हुई तेज, चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष

SIR पर सियासत हुई तेज, चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष

नई दिल्लीविपक्ष द्वारा "वोट चोरी" के आरोपों और बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की चर्चा जोरों पर है। विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में धांधली और वोट चोरी का आरोप लगा रहा है, खासकर कर्नाटक और बिहार के संदर्भ में, जहां राहुल गांधी ने बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के महादेवपुरा क्षेत्र में 1,00,250 मतों की चोरी का दावा किया था।

विपक्ष के आरोपों का चुनाव आयोग ने खंडन करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें चोरी की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने विपक्ष से ठोस सबूत या शपथ पत्र के साथ शिकायत दर्ज करने को कहा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को शुद्ध करना सभी की साझा जिम्मेदारी है और बिहार में 1सितंबर तक आपत्तियां दर्ज करने का समय है।

कैसे लाया जाता है महाभियोग प्रस्ताव

महाभियोग प्रस्ताव की प्रक्रिया जटिल है और इसके लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, जो वर्तमान में विपक्ष के पास नहीं है। इसलिए, यह प्रस्ताव अधिक सांकेतिक हो सकता है, जिसका उद्देश्य सरकार और चुनाव आयोग पर दबाव बनाना है। स्थिति अभी गतिशील है, और कोर्ट में दायर याचिकाओं या आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

मतदाताओं और चुनाव कर्मचारियों की ईमानदारी पर हमला बताया

इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने संसद से लेकर सड़कों तक विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया। हालांकि, चुनाव आयोग ने "वोट चोरी" जैसे शब्दों पर आपत्ति जताते हुए इसे मतदाताओं और चुनाव कर्मचारियों की ईमानदारी पर हमला बताया।

 

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