
Delhi News: दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज लोधी एस्टेट स्थित सरदार पटेल विद्यालय में हरित परिवहन की पहल को बढ़ावा देने के लिए 24 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा है कि दिल्ली आज सुरक्षित हाथों में है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मात्र छह महीने में दिल्ली की हवा बदलने की दिशा में कार्य शुरू किया है, वह सराहनीय है।
इस मौके पर सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रकृति के साथ जुड़ना ही प्रगति है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम है।
प्रदूषण के खिलाफ एक प्रभावी पहल
स्कूलों को EV बसें उपलब्ध कराना सरकार की प्रदूषण के खिलाफ एक प्रभावी पहल है। इसका उद्देश्य है कि स्कूली बच्चें प्रदूषण रहित बसों में यात्रा करें और मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ रहें। इस अवसर पर उपराज्यपाल श्री वी. के. सक्सेना ने विश्वास जताया कि आने वाले दो से तीन सालों में दिल्ली में ऐसे अद्भुत परिवर्तन दिखाई देंगे, जिनकी प्रतीक्षा लंबे समय से की जा रही थी।
विद्यालय परिसर में छात्रों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की सराहना करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण के लिए शुरू की गई इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 1200 छात्रों का आवागमन होगा, जिससे 400–500 निजी वाहनों का बोझ सड़कों से कम होगा। इससे न केवल प्रदूषण घटेगा, बल्कि यातायात व्यवस्था भी सुगम होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सभी स्कूल और कॉलेज इस प्रकार की पहल करें, तो प्रदूषण की समस्या का बहुत हद तक समाधान हो सकता है।
CM रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि यह पहल न केवल विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करेगी, बल्कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार की दिशा में भी एक महत्त्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण कम करना दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपराज्यपाल महोदय की पहल पर सरकार पहले ही कूड़े के पहाड़ हटाने, धूल नियंत्रण, वृक्षारोपण और यमुना तट-विकास जैसे कई प्रयास कर रही है। अब स्कूली बसों को इलेक्ट्रिक मोड पर परिवर्तित करना इस दिशा में एक निर्णायक पहल है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट व सरकारी स्कूलों की डीजल-सीएनजी बसें भी प्रदूषण बढ़ाने में भूमिका निभाती हैं और यदि सभी स्कूल इन्हें इलेक्ट्रिक में बदलें तो राजधानी की हवा और अधिक स्वच्छ होगी।
मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल विद्यालय द्वारा दिल्ली सरकार के सहयोग से संपूर्ण बस बेड़े को ई-बसों में परिवर्तित करने की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली की रगों में प्रदूषण नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा बहेगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि दिल्ली सरकार सभी स्कूलों में पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास से जुड़े प्रतियोगिताओं का आयोजन करेगी, ताकि बच्चे प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी समझें और जीवनभर इन मूल्यों का पालन करें। उन्होंने सरदार पटेल विद्यालय के प्रबंधन, अध्यापकों और छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय ने स्वच्छ और हरित दिल्ली की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
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