Independence Day 2025: किले में तब्दील हुई दिल्ली...हाई-टेक निगरानी के साथ कड़ी सुरक्षा, एंटी-ड्रोन सिस्टम और स्नाइपर्स तैनात

Independence Day 2025:  किले में तब्दील हुई दिल्ली...हाई-टेक निगरानी के साथ कड़ी सुरक्षा, एंटी-ड्रोन सिस्टम और स्नाइपर्स तैनात

Independence Day Security In Delhi: स्वतंत्रता दिवस 2025के मौके पर देश की राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने कड़े इंतजाम किए हैं। खास तौर पर लाल किले और उसके आसपास के इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली में सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय रणनीति अपनाई गई है, जिसमें एंटी-ड्रोन सिस्टम, हजारों जवानों की तैनाती और ऊंची इमारतों पर स्नाइपर्स की मौजूदगी शामिल है।  

छावनी में तब्दील हुई दिल्ली

दरअसल, स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर दिल्ली पुलिस ने ड्रोन और अन्य अनधिकृत हवाई गतिविधियों से निपटने के लिए उन्नत एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए हैं। खुफिया जानकारी की मानें तो देश-विरोधी तत्व ड्रोन जैसे उपकरणों का दुरुपयोग कर सकते हैं। इसे रोकने के लिए 02अगस्त से 16अगस्त तक ड्रोन, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून, क्वाडकॉप्टर और अन्य गैर-पारंपरिक हवाई उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इसके अलावा लाल किले के आसपास ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैकिंग सिस्टम स्थापित किए गए हैं। ऑटोमैटिक फेशियल रिकग्निशन कैमरे (FRC) और CCTV कैमरों की मदद से संवेदनशील क्षेत्रों में हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। बता दें, यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023की धारा 163के तहत लागू किया गया है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

7500से ज्यादा जवानों की तैनाती

जानकारी के अनुसार, दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के लिए सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। लगभग 7,500से 10,000सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल, एनएसजी, एसपीजी, CRPF और BSF के जवान शामिल हैं। लाल किले के आसपास त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है, जिसमें विशेष कमांडो और बम निरोधक दस्ते भी शामिल हैं। 

इसके अलावा संवेदनशील स्थानों जैसे इंडिया गेट, मेट्रो स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल गश्त और रात्रि गश्त को बढ़ाया गया है। सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी निगरानी के लिए तैनात हैं। साथ ही, खुफिया एजेंसियां सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड चैट प्लेटफॉर्म्स पर नजर रख रही हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे या भ्रामक सूचना को समय रहते रोका जा सके।

ऊंची इमारतों पर स्नाइपर्स की तैनाती

लाल किले और संसद भवन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों के आसपास ऊंची इमारतों पर स्नाइपर्स तैनात किए गए हैं। ये स्नाइपर्स किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार हैं। इसके अलावा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों पर कार्रवाई के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। खालिस्तान समर्थक संगठनों, जैसे सिख फॉर जस्टिस (SFJ), द्वारा अशांति फैलाने की आशंका को देखते हुए विशेष निगरानी रखी जा रही है।

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