Delhi News: दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए खुशखबरी आई है। सरकार इन कॉलोनियों को जहां है जैसी के आधार पर नियमित करने जा रही है। इससे लगभग कच्ची कॉलोनियों में बने 10 लाख से ज्यादा घरों को फायदा मिलेगा।
बता दें कि 2019 में अवैध कॉलोनियों के लिए पीएम उदय योजना लागू किया गया था। जिसके तहत मकान को रेगुलराइज करने का प्लान था। इस दौरान 40 हजार घरों को रेगुलराइज किया गया लेकिन, इसकी रफ्तार धीमी थी। अब रेगुलराइज प्रक्रिया को आसान कर दी जाएगी। जिससे 50 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
1500 से ज्यादा कॉलोनियां होंगी नियमित
केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया है कि 1731 अवैध कॉलोनियों में से 1511 को योजना के तहत नियमित किया जाएगा। दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग कन्विंस डीड जारी करेगा। पीएम उदय योजना के तहत मकान और फ्लैट्स का मालिकाना हक तो मिलेगा। साथ ही बिना शर्त मकान से लेकर कॉलोनी को नियमित करने का फैसला लिया गया है। ऐसा होने पर लोग लोन सुविधा का लाभ उठा पाएंगे।
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नियमित करने की प्रक्रिया
केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना का ऐलान कर बताया की मालिकाना हक के लिए पीएम उदय पोर्टल पर प्रक्रिया चल रही है। रेगुलराइज के लिए 24 अप्रैल को एमसीजडी का सुगम पोर्टल ऑन होगा। उसमें निगम से पैनल पर आर्किटेक्ट से मकान का नक्शा बनवाकर अपलोड करना होगा। इसके अलावा सभी कॉलोनी की 3डी मैपिंग कराई जाएगी। हर दो महीने पर मैपिंग होगा, जो अवैध निर्माण होगा, उसे तोड़ दिया जाएगा।
इसके अलावा टीओडी योजना भी लाई गई है। जिसके तहत मेट्रो, नमो भारत और रेलवे स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में न्यूनतम दो हजार वर्ग मीटर भूमि पर मकान बनाने की योजना है। जिसमें 100 वर्ग मीटर तक के घर होंगे। सिंगल विंडो के तहत आवेदन करने के 60 दिनों के भीतर स्वीकृति प्रदान की जाएगी।