
Delhi-NCR Pollution:दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून के बाद फिर एक बार प्रदूषण बढ़ गया है। बढ़ते हुए प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने अच्छे से काम नहीं किया है। कोर्ट ने कमीशन को फटकार लगाते हुए बेहतर हलफनामा दाखिल करने को कहा है। जिसके बाद 3 अक्टूबर, 2024 को मामले की सुनवाई होगी।
फिर से पराली जलाना शुरू
वहीं, पंजाब और हरियाणा के किसानों ने एक बार फिर पराली जलाना शुरू कर दिया है। इस साल प्रदूषण की स्थिति गंभीर होने से पहले ही किसानों को पराली जलाने से रोकना जरूरी है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस अभय एस ओक और ऑगस्टिन मसीह की बेंच कर रही है। उन्होंने कमीशन से सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों को पराली नष्ट करने के लिए दी गई मशीनों का इस्तेमाल हो।
कमीशन से बैठकों का मांगा ब्यौरा
आपको बता दें, कमीशन की सब-कमिटी की बैठक साल में सिर्फ 4 बार होती है। कोर्ट ने इन सभी बैठकों का ब्यौरा मांगा है। कोर्ट ने कहा कि आयोग को CAQM एक्ट की धारा 14 में प्रदूषण करने वालों पर सख्त कार्रवाई का भी अधिकार है। लेकिन कमीशन ने 2021 में अपने गठन के बाद से कोई कार्रवाई नहीं की है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस अभय एस ओक ने कहा, 'अधिनियम का पूर्णतया गैर-अनुपालन हुआ है। कृपया हमें अधिनियम के तहत किसी भी हितधारक को जारी किया गया एक भी निर्देश दिखाएं।' इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए हैं?
हलफनामा में संकट से निपटने के लिए दिशा-निर्देश
केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने एक हलफनामा पढ़ा है। जिसमें संकट से निपटने के लिए सलाह और दिशा-निर्देश जारी करने जैसे कदमों की रूपरेखा दी गई। लेकिन, अदालत इन प्रयासों से प्रभावित नहीं हुई। जस्टिस अभय एस ओक ने कहा, 'यह सब हवा में है, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) राज्यों में क्या किया गया है। इसके बारे में उन्होंने कुछ भी नहीं दिखाया है।'
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