
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि "ये राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक की पहली भारत यात्रा है और भारत के लिए मित्रता का भाव और संबंधों को मजबूत करने के लिए उनकी प्रतिबद्धता अद्भूत है इसके लिए मैं उनका विशेष अभिनंदन करता हूं। आज की चर्चाओं में हमने आने वाले दशक में सहयोग बढ़ाने के लिए कई नई पहल की पहचान की। आपसी व्यापार और निवेश में वृद्धि का हम स्वागत करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि आज हमने एक पारस्परिक लाभकारी व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता पर चर्चा शुरू करने के लिए अपनी टीम्स को निर्देश दिए हैं। क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में साझेदारी को बल दिया जाएगा। लचीली आपूर्ति और मूल्य श्रृंखला को स्थापित करने के लिए काम किया जाएगा। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, अंतरिक्ष तथा अन्य क्षेत्रों में भारत अपना सकारात्मक अनुभव चिली के साथ साझा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि हम चिली को अंटार्कटिका के गेटवे के रूप में देखते हैं। इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए आज दोनों पक्षों के बीच "लेटर ऑफ इंटेंट" पर बनी सहमति का हम स्वागत करते हैं। यह खुशी का विषय है कि चिली के लोगों ने योग को स्वस्थ जीवनशैली के रूप में अपनाया है। चिली में 4 नवंबर को राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया जाना हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। हमने चिली में आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में भी सहयोग बढ़ाने पर विचार किया।
बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "रक्षा के क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक है। हम इस क्षेत्र में एक दूसरे की जरूरतों के अनुसार रक्षा औद्योगिक विनिर्माण और सप्लाई चेन तैयार करने के लिए आगे बढ़ेंगे। वैश्विक स्तर भारत और चिली सहमत है कि सभी तनावों और विवादों का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए।
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