जामनगर राजघराने के अगले वारिस होंगे ये भारतीय पूर्व क्रिकेटर, जाम साहब ने किया उत्तराधिकारी का ऐलान

जामनगर राजघराने के अगले वारिस होंगे ये भारतीय पूर्व क्रिकेटर, जाम साहब ने किया उत्तराधिकारी का ऐलान

Heirs of the Jamnagar Royal Family: गुजरात के जामनगर के जाम साहब शत्रुशल्यसिंहजी ने शुक्रवार को अपने वारिस की घोषणा कर दी है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा को जामनगर राजघराने का अगला उत्तराधिकारी चुना है। पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा जामनगर के ही रहने वाले हैं और नवानगर रियासत से ताल्लुक रखते हैं।

इससे पहले अजय जडेजा भारतीय क्रिकेटर की रूप में अपनी पहचान बना चुके है। हाल ही वह टी20 विश्व कप के दौरान अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के साथ मेंटर के रूप में जुड़े थे। जडेजा अपनी सेवाओं के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड से कोई फीस भी नहीं ली थी।

शत्रुशल्यसिंहजी ने क्या कहा?

गुजरात के जामनगर के जाम साहब शत्रुशल्यसिंहजी ने शुक्रवार की सुबह भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा को जामनगर राजघराने का अगला उत्तराधिकारी चुना है। इस पर उन्होंने कहा, 'दशहरा वह दिन है जिस दिन पांडवों ने 14 वर्ष का अज्ञातवास सफलतापूर्वक पूरा करके विजय का अनुभव किया था। आज मैं भी विजयी महसूस कर रहा हूं। क्योंकि अजय जडेजा ने मेरे उत्तराधिकारी और नवानगर का अगला जाम साहब बनना स्वीकार किया है। जो मैं सचमुच जामनगर के लोगों के लिए एक बड़ा वरदान मानता हूं।'

कैसा रहा वारिस का इतिहास?

वर्तमान जाम साहब शत्रुशल्यसिंहजी निसंतान हैं। इस वजह से उन्हें अपने वारिस की पसंदगी करनी थी। इसके लिए उन्होंने अजय जडेजा को अपना अगला वारिस चुना। जाम साहब शत्रुशल्यसिंहजी के पिता का नाम दिग्विजय सिंह था, जो 33 साल जाम साहब रहे। जिसके बाद उनके चाचा रणजितसिंहजी ने उन्हें गोद लिया था और अपना वारिस बनाया।

जडेजा परिवार का क्रिकेट से पुराना नाता

जामनगर के शाही परिवार की क्रिकेट में समृद्ध विरासत है। जाम साहब रणजितसिंह के नाम पर ही भारतीय क्रिकेट की घरेलू स्पर्धा रणजी ट्रॉफी खेली जाती है। उन्हें आजादी के पहले की भारतीय क्रिकेट के बेस्ट बैट्समैन माना जाता था। इसी परिवार से ताल्लुक रखने वाले अजय जडेजा 1992 से 2000 तक भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुके हैं। इसी के साथ वे  उपकप्तान भी रह चुके थे। इश दौरान उन्होंने 15 टेस्ट मैच और 196 वनडे मैच खेले। उन्होंने 1996 क्रिकेट विश्व कप क्वार्टर फाइनल के चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम को जीत दिलाई। बल्लेबाजी के अलावा जडेजा की फील्डिंग की भी खूब तारीफ की जाती थी।

मैच फिक्सिंग का लगा आरोप

मैच फिक्सिंग में नाम आने के बाद जडेजा पर क्रिकेट खेलने पर बैन लग गया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2003 में जडेजा पर लगा बैन हटा दिया था। लेकिन उसके बाद जडेजा क्रिकेट नहीं खेल पाए। वह IPLमें अलग-अलग टीम के मेन्टोर रहे है।  हाल ही में जडेजा टी20 विश्व कप के दौरान अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के साथ मेंटर के रूप में जुड़े थे।  

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