“राजनीति कर रही मोदी सरकार”, PAK की सच्चाई बताने वाले डेलिगेशन पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

“राजनीति कर रही मोदी सरकार”, PAK की सच्चाई बताने वाले डेलिगेशन पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

Jairam Ramesh On BJP: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने महज चार दिनों में ही पाकिस्तान को घुटने पर ला दिया था। भारत की सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान सीजफायर की विनती करने लगा, जिसके बाद अपनी शर्तों के आधार पर भारत भी सीजफायर के लिए राजी हो गया। सैन्य कार्रवाई के बाद भारत सरकार पाकिस्तान का असली चेहरा वैश्विक मंच पर दिखाने की तैयारी में लग गया है। आने वाले दिनों में 7 सांसद के नेतृत्व में बनी टीम दुनिया के अलग-अलग देशों में जाकर पाकिस्तान की असलियत बताएंगे। पाकिस्तान कैसे आतंक का सरपरस्त बना हुआ है, सबुतों के साथ विश्व को बताएंगे। लेकिन इस पहले देश में राजनीति शुरु हो गई है। जिन सांसदों को दुनियाभर में भेजा जाएगा, उस पैनल पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सवालिया निशाना खड़ा कर दिया है।

जयराम रमेश ने क्या कहा?

दरअसल, पाकिस्तान का असली चेहरा को बेनकाब करने के लिए भारत सरकार द्वारा 7 डेलिगेशन विश्व अलग-अलग हिस्से में भेजने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार के द्वारा सभी दलों के सांसदों का नाम इस डेलिगेशन में शामिल करने के लिए मांगा गया था। कांग्रेस के अनुसार उन्होंने चार सांसदों का नाम सरकार को भेजा, जिसमें से सिर्फ एक नाम को शामिल किया गया है। इसी पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, "16 मई की सुबह, मोदी सरकार ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर भारत के रुख को स्पष्ट करने के लिए विदेश भेजे जा रहे प्रतिनिधिमंडलों में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने के लिए कांग्रेस सांसदों/नेताओं के 4 नाम मांगे। इन 4 नामों को 16 मई को दोपहर 12 बजे ही लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री को लिखित रूप में भेज दिया था।“

जयराम रमेश आगे लिखते हैं, “आज देर रात (17 मई) सभी प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों की पूरी सूची आधिकारिक रूप से जारी कर दी गई है। सबसे दुखद बात यह है कि मोदी सरकार द्वारा सुझाए गए 4 नामों में से केवल 1 नाम ही शामिल है और यह दिखाता है कि गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार हमेशा किस तरह का घटिया राजनीतिक खेल खेलती है। कांग्रेस प्रधानमंत्री और भाजपा के दयनीय स्तर तक नहीं गिरेगी। संसदीय लोकतंत्र की बेहतरीन परंपराओं का पालन करते हुए कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भाजपा की तरह पक्षपातपूर्ण राजनीति नहीं करेगी। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडलों को शुभकामनाएं देती है। हालांकि, इन प्रतिनिधिमंडलों को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक और 22 फरवरी को अपनाए गए प्रस्ताव को दोहराने के लिए संसद के विशेष सत्र की कांग्रेस की मांगों से ध्यान नहीं भटकाना चाहिए। 1994 के बाद के घटनाक्रमों पर भी ध्यान दिया गया।"

51 नेता जाएंगे विदेश

केंद्र सरकार डिप्लोमेसी के द्वारा पाकिस्तान पर नकेल कसने की तैयारी शुरु कर दी है। कुल 51 सांसद अगले कुछ दिनों में विश्व के अलग-अलग हिस्सों में जाकर पाकिस्तान को बेनकाब करेंगे। जयंत पांडा, रवि शंकर प्रसाद (दोनों बीजेपी), संजय कुमार झा (जेडीयू), श्रीकांत शिंदे (शिव सेना), शशि थरूर (कांग्रेस), कनिमोझी (डीएमके) और सुप्रिया सुले के नेतृत्व में डेलिगेशन कुल 32 देशों का दौरा करेंगे। साथ ही ये डेलिगेशन बेल्जियम के ब्रुसेल्स में ईयू मुख्यालय में भी अपनी बात रखेंगे। माना जा रहा है शशि थरूर के नेतृत्व वाली डेलिगेशन UNSC में भी पाकिस्तान को घेरेगी।  

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