
Maha Kumbh Mela 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अगले साल 2025 में महाकुंभ का आयोजन होना है। इसे लेकर तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई है। इसी बीच महाकुंभ स्नान को लेकर एक बड़ा बदलाव किया हैं। महाकुंभ स्नान को लेकर 8 अखाड़ों के संतों ने मिलकर स्नान को सुरक्षित बनाने के लिए कुछ अहम फैसले लिए है। अब महाकुंभ में शाही स्नान नहीं बल्कि राजसी स्नान होगा।
इसी के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेला 2025 के 'लोगो'का अनावरण किया है। सीएम योगी ने कहा कि आज लोगों जारी हो गया है। जिसके बाद हर प्राईम लोकेशन पर मेला का लोगों डिस्पेले करना है। उन्होंने कहा कि आपस में बेहतर समन्वय बना कर काम करना है।
CM योगी ने की साधु-संतों के साथ बैठक
वहीं, सीएम योगी और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के साधु-संतों के साथ बैठक हुई। इस बैठक में सीएम योगी ने कहा कि सनातनियों का यह सबसे बड़ा मेला है। 2025 का महाकुंभ दिव्य और भव्य हो इसके लिए सरकार ने अपनी कार्य योजना प्रारंभ कर दी है। आप अगर अयोध्या और काशी जाते हैं तो वहां नई अयोध्या और नई काशी देखने को मिलती है।
उन्होंने आगे कहा कि हम लोग 14 लाख गायों की सेवा कर रहे हैं। इसलिए सभी संतो से आग्रह है कि एक गौशाला जरूर बनाएं। सीएम योगी ने पेशवाई और शाही स्नान को लेकर कहा कि गुलामी के प्रतीक या नाम हमारी परंपरा के खिलाफ है। ऐसे नाम को बदला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपी के 700 से ज्यादा मंदिरों का सरकार पुर्नोद्धार कर रही है।
इसके अलावा सीएम योगी ने महाकुंभ को लेकर साधु संतों से अपील की है कि सकारात्मक सोच से आगे बढ़े, नेगेटिव बातों से बचने की कोशिश करें। सीएम ने साधु संतों को आश्वासन दिया कि महाकुंभ के दौरान गंगा का अविरल और निर्मल जल मिलेगा। सभी अधिकारी आपकी सेवा में रहेंगे। सरकार महाकुंभ की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेगी। महाकुंभ के स्थाई निर्माण कार्यों के लिए बैठक करने जा रहा हूं। संतों की मर्यादा और सम्मान के खिलाफ कोई कार्य नहीं होगा।
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