
नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पालघर में हुई मॉब लिंचिंग पर सीएम उद्धव ठाकरे ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया और कहा कि इस केस से जुड़े दोषियों को सरकार किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगी. ठाकरे ने लोगों से अपील की कि वह इस मामले को धार्मिक रंग देने की कोशिश ना करें. पालघर मॉब लिंचिंग में दो साधुओं की मौत हो गई थी. जिसके बाद ठाकरे सरकार निशाने पर आ गई थी. सीएम उद्धव ठाकरे ने बताया कि इसको लेकर अमित शाह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से बात हुई है. महाराष्ट्र के सीएम ने बताया कि इस मसले पर सरकार ने सख्त रूख अपना रखा है. उनकी सरकार किसी को भी नहीं छोड़ेगी, लोग इस मसले को भड़काने की कोशिश ना करें. बता दें कि मॉब लिचिंग घटना में भीड़ ने तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी. उद्धव ठाकरे ने घटना को लेकर कहा कि ये हिंदू-मुस्लिम जैसा कोई मामला नहीं है. जो लोग सोशल मीडिया से आग भड़काने की कोशिश कर रहे है. उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
सीएम ठाकरे ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से इस मामले में एक्शन लिया गया है, 100 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं जबकि अन्य पर केस भी दर्ज किया गया है.उद्धव ने कहा कि वो लोग जब सूरत जा रहे थे, तब उन्होंने दादर-नगर हवेली के बॉर्डर पर रोका गया और वापस भेज दिया गया. अगर ऐसा नहीं होता, तो घटना नहीं होती. पालघर के जिस इलाके में ये घटना हुई है, वो काफी दुर्गम इलाका है. ऐसे में ये तीन लोग वहां से गुजरते हुए गुजरात की ओर जा रहे थे, लेकिन वहां पर गांव के लोगों को रात के वक्त कुछ गलतफहमी हुई और उन्हें चोरी का शक लगा. तो हमला किया गया, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है. सीएम ठाकरे का कहना है कि यहां कुछ दिनों से चोरों के घूमने की अफवाह है, इसी वजह से गांव वालों ने ऐसा हमला किया. लेकिन गलतफहमी के बावजूद किसी को बख्शा नहीं जाएगा. इस घटना में कानून पर भी हमला किया गया है. यह घटना अगर गलतफहमी में भी हुई है तो भी यह बड़ी ही चिंता करने की बात है.
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