CM DK Shivkumar Statement: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने मंगलवार को मैसूर पैलेस में हुई एक घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। दरअसल, मैसूर पैलेस में 'नंदी ध्वज पूजा' के लिए जा रहे तीन दलित मंत्रियों को पुलिसकर्मियों द्वारा रोक दिए जाने का मामला सामने आया है। सीएम शिवकुमार ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को निर्देश दिया है कि वे इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करें और जल्द से जल्द एक रिपोर्ट सौंपें।
सीएम ने X पर जताई नाराजगी
सीएम शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, "अधिकारियों ने मंत्रियों को रोककर मनमानी की है। मैंने तुरंत दखल दिया और उनको अपने साथ लेकर गया, इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकत बर्दाश्त नहीं की जा सकती। इसलिए मैंने मुख्य सचिव को जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।"सीएम के इस बयान के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है।क्या है पूरा मामला?इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि जब मंत्री नरेंद्रस्वामी, के. एस. बसवंतप्पा और शिवराज तंगडागी मुख्यमंत्री के पीछे-पीछे पूजा स्थल की ओर जा रहे थे, तब एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें रोक दिया।
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दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है
वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस अधिकारी ने हाथ दिखाकर तीनों मंत्रियों को आगे जाने से रोक दिया, जबकि मुख्यमंत्री आगे निकल गए। जब सीएम शिवकुमार को इस बात का पता चला तो उन्होंने तुरंत दखल दिया और तीनों मंत्रियों को अपने साथ लेकर गए, जिसके बाद ही उन्हें पूजा स्थल पर जाने दिया गया।इस घटना के बाद विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार में दलित मंत्रियों का अपमान हो रहा है।वहीं, सत्ताधारी कांग्रेस ने इसे पुलिस की लापरवाही बताया है। मंत्री शिवराज तंगडागी ने कहा कि यह प्रोटोकॉल को लेकर भ्रम की वजह से हुआ, लेकिन सीएम ने तुरंत मामले को सुलझा दिया।फिलहाल मुख्य सचिव की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।