Muscular Dystrophy बीमारी से पीड़ित बच्चें, परिजनों ने राष्ट्रपति से की इच्छा मृत्यु की मांग

Muscular Dystrophy बीमारी से पीड़ित बच्चें, परिजनों ने राष्ट्रपति से की इच्छा मृत्यु की मांग

जानलेवा Muscular Dystrophy बीमारी से पीड़ित अपने बच्चों को बचाने के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे परिजन अब हिम्मत हारते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें कि भिवानी के सुंदर सिंह द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को इच्छा मृत्यु देने के लिए पत्राचार किया गया है। इसके बाद Muscular Dystrophy पीड़ित परिवार एसोसिएशन हरियाणा के प्रधान ने भी आगे आकर यह इच्छा जताई है।
 
250 बच्चे इस बीमारी से पीड़ित
 
अंबाला कैंट निवासी दिनेश का कहना है कि उनकी भी इच्छा है कि बच्चों को अगर इलाज नहीं मिल सकता है तो वे जी कर भी क्या करेंगे। उनकी इच्छा है कि इलाज नहीं दे सकते तो पीड़ित बेटे सहित परिवार को इच्छा मृत्यु की अनुमति दें। आखिर वह बिना अपने बच्चों के जीवित रहकर भी क्या करेंगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली में प्रदर्शन करने के बाद भी अभी तक कुछ समाधान नहीं हुआ है। आपको बता दें कि प्रदेशभर में करीब 250 बच्चे Muscular Dystrophy बीमारी से पीड़ित है।
 
दे दें इच्छा मृत्यु 
 
भिवानी जनपद के गांव फूलपुरा निवासी सुंदर सिंह ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को लिखे पत्र में कहा है कि उसके दो बच्चे करीब 10 वर्षीय हरेंद्र सिंह व 8 वर्षीय विरेंद्र सिंह Muscular Dystrophy बीमारी से पीड़ित है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ वह कमजोर हो रहे हैं, जल्द इलाज नहीं मिला तो वह चलने-फिरने में भी लाचार हो जाएंगे और व्हील चेयर पर आ जाएंगे। वे हर जगह से थक चुके हैं, यूं तिल-तिल कर मरते नहीं देख सकते। इसलिए उन्होंने फैसला लिया है कि वह पूरे परिवार के साथ इस मतलबी दुनिया को अलविदा कहेंगे। इसलिए पूरे परिवार के साथ इच्छा मृत्यु की स्वीकृति दी जाए या फिर उनके बच्चों को बिना किसी देरी के इलाज मुहैया कराया जाए।
 
USA में उपलब्ध है दवा 
 
सुंदर सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि डॉक्टरों के अनुसार, इस बीमारी की दवा USA में है जो की बहुत ज्यादा महंगी है। उन्होंने कहा कि यह दवा सिर्फ भारत सरकार के सहयोग से उपलब्ध हो सकती है। दवा के लिए पीड़ित बच्चों के परिजन हरियाणा और भारत सरकार को कई बार पत्र लिख इलाज की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। यहां तक की मानव अधिकार आयोग को भी अवगत कराया जा चुका है।
 
क्या है Muscular Dystrophy
 
बता दें कि, Muscular Dystrophy मासपेशियों के रोगों का एक ऐसा समूह है, अगर इस बीमारी का समय रहते इलाज न किया जाए तो ज्यादातर बच्चों की मौत 11 से 21 वर्ष के बीच हो जाती है। यह मांसपेशियों का रोग है, इसलिए यह सबसे पहले कूल्हे के आसपास की मांसपेशियों और पैर की पिंडलियों को कमजोर करता है, लेकिन उम्र बढ़ते ही यह कमर और बाजू की मांसपेशियों को भी प्रभावित करना शुरू कर देता है, लेकिन लगभग नौ वर्ष की उम्र के बाद से यह फेफड़े को और हृदय की मांसपेशियों को भी कमजोर करना शुरू कर देता है।

Leave a comment