8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए आने वाले समय में कई बड़े फैसले हो सकते हैं। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई अहम बैठक में पेंशन बढ़ाने, पुरानी पेंशन योजना यानी OPS का लाभ देने और परिवार पेंशन के नियमों में बदलाव जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इन प्रस्तावों को लेकर अब लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों की उम्मीद बढ़ गई हैं।
क्या थी सबसे बड़ी मांग
NC-JCM की 49वीं वार्षिक बैठक में कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं। सबसे बड़ी मांग यह थी कि पेंशन में संशोधन हर पांच साल में किया जाए। अभी पेंशन में बड़ा बदलाव नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद होता है, जिसमें काफी लंबा समय लग जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए दवाइयों, इलाज और रोजमर्रा के खर्चों को संभालना मुश्किल हो रहा है।
मांग को 8वें वेतन आयोग के पास भेजा जाएगा
बैठक में मौजूद कैबिनेट सचिव T. V. Somanathan ने भरोसा दिया कि इस मांग को 8वें वेतन आयोग के पास भेजा जाएगा। इससे पेंशनर्स को भविष्य में राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। बैठक में दिव्यांग आश्रित बच्चों को मिलने वाली फैमिली पेंशन का मुद्दा भी उठा। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि दिव्यांग बच्चों से ‘नो इनकम सर्टिफिकेट’ मांगना सही नहीं है, क्योंकि कई सरकारी दफ्तर ऐसे प्रमाणपत्र जारी नहीं करते। इससे परिवारों को काफी परेशानी होती है। सरकार ने इस मामले में पेंशन विभाग को व्यावहारिक समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं।
OPS को लेकर भी चर्चा
पुरानी पेंशन योजना यानी OPS को लेकर भी चर्चा हुई। कर्मचारी संगठनों ने मांग की कि जिन पदों की भर्ती प्रक्रिया 22 दिसंबर 2003 से पहले शुरू हुई थी, उन कर्मचारियों को OPS का लाभ दिया जाए, चाहे उनकी नियुक्ति बाद में हुई हो। खासतौर पर अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारियों को राहत मिलने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा परिवार पेंशन के दायरे में विधवा बहू को शामिल करने की मांग भी रखी गई। सरकार ने कहा है कि इस मामले की कानूनी जांच कराई जाएगी। अब कर्मचारियों और पेंशनरों को सरकार के अगले फैसले का इंतजार है।
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