Caste Census: 'समाज की एकता और अखंडता को खतरा...', जातीय जनगणना पर RSS ने साफ किया अपना स्टैंड

Caste Census: 'समाज की एकता और अखंडता को खतरा...', जातीय जनगणना पर RSS ने साफ किया अपना स्टैंड

RSS on Caste Census: देशभर में इन दिनों जातीय जनगणना की मांग विपक्ष लगातार कर रहा है। संसद में भी इस मुदे पर आवाज उठाई गई थी। अब जातीय जनगणना को लेकर आएसएस ने भी बड़ा बयान दिया है। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आम्बेकर ने इसे संवेदनशील मुद्दा बताते हुए कहा कि जातीय जनगणना से समाज की एकता और अखंडता को खतरा हो सकता है। हमारे समाज में जाति संवेदनशील मुद्दा है। जातीय जनगणना का इस्तेमाल चुनाव प्रचार और चुनावी फायदे के लिए नहीं किया जाना चाहिए लेकिन दलित समुदाय के विकास के लिए सरकार उनकी गणना कर सकती है। इसके अलावा आरएसएस की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। 
 
संगठन के सौ साल पूरे  होने पर कार्यक्रम         
 
इसके अलावा आरएसएस ने कहा कि पिछले साल हर राज्यों में कुल 472 महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया था। जिसमें महिलाओं के मुद्दे, पश्चिमी फेमिनिज्म पर चर्चा की गई थी। आरएसएस की बैठक में बंगाल, वायनाड और तमिलनाडू में हुई घटनाओं पर व्यापक तौर पर चर्चा की गई है। साथ ही आरएसएस ने बांग्लागदेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार पर चिंता जताई है और सरकार से इस मामले में कदम उठाने का आग्रह किया है। 
 
कोलकाता कांड पर भी दिया बयान       
 
आरएसएस की बैठक में पश्चिम बंगाल की हालिया घटना पर भी चर्चा हुई। आरएसएस ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला कानून में संशोधन की आवश्यकता पर जोर दिया और इसे चिंताजनक मुद्दा बताया। महिला सुरक्षा को लेकर पांच मुद्दों पर चर्चा की गई। जिसमें शामिल है कानून, जागरूकता, संस्कार, शिक्षा और आत्मरक्षा। इन मुद्दों को लेकर महिला सुरक्षा अभियान चलाने का फैसला किया गया है।  
 
आरएसएस ने रानी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती मनाने का फैसला किया है। साथ ही आरएसएस के सौ साल पूरे होने पर पंच परिवर्तन के तहत सामाजिक परिवर्तन के लिए काम करने की योजना बनाई है। 

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