अपने स्टार्टअप को देना चाहते हैं रातों-रात बूस्ट? तो इन सरकारी स्कीम का उठाएं जबरदस्त फायदा

अपने स्टार्टअप को देना चाहते हैं रातों-रात बूस्ट? तो इन सरकारी स्कीम का उठाएं जबरदस्त फायदा

Startup Mahakumbh 2024: स्टार्टअप का महाकुंभ आज से दिल्ली के प्रगति मैदान में शुरू हो गया है। इस बार यह पिछले ऐसे आयोजनों से 100 गुना से भी ज्यादा बड़ा है. स्टार्टअप महाकुंभ तीन दिनों तक चलेगा. इस कार्यक्रम में दो हजार से अधिक स्टार्टअप, एक हजार से अधिक निवेशक, 300 इनक्यूबेटर, तीन हजार सम्मेलन प्रतिनिधि, 20 से अधिक देश के प्रतिनिधि, सभी भारतीय राज्यों के संभावित उद्यमी, 50 से अधिक यूनिकॉर्न और 50 हजार से अधिक व्यवसायी भाग लेने की उम्मीद है।

क्या होता है स्टार्टअप?

स्टार्टअप एक ऐसी इकाई है जो 5 साल से अधिक समय से देश में पंजीकृत नहीं हुई है। यह एक नया व्यवसाय है. साथ ही किसी भी वित्तीय वर्ष में सालाना टर्नओवर 25 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होना चाहिए. स्टार्टअप आमतौर पर वो होते हैं जो टेक्नोलॉजी या अपने ज्ञान की मदद से इनोवेशन और डेवलपमेंट आधारित काम करते हैं। भारत में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए कई सरकारी योजनाएं हैं। आइए जानते हैं कुछ के बारे में.

1-स्टार्टअप इंडिया

साल 2016 में केंद्र सरकार ने 'स्टार्टअप इंडिया योजना' शुरू की थी. इसका उद्देश्य रोजगार और उद्योग के लिए धन सहायता, मार्गदर्शन और उद्योग साझेदारी के अवसर प्रदान करके स्टार्टअप को बढ़ावा देना है। इसका उद्देश्य देश में ऐसा माहौल बनाना है जो स्टार्टअप के विकास के लिए अनुकूल हो। इस योजना में कौशल विकास प्रशिक्षण, व्यवसाय विकास प्रशिक्षण आदि प्रदान किये जाते हैं। बिजनेस की शुरुआत में तीन साल तक इनकम टैक्स में छूट मिलती है. यदि कोई व्यवसायी अपने व्यवसाय में दिवालिया हो जाता है, तो वह 90 दिनों के भीतर स्टार्टअप को बंद कर सकता है। अधिक जानकारी startupindia.gov.inवेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।

2-स्टैंड अप इंडिया योजना

स्टैंडअप इंडिया योजना के तहत एससी/एसटी, पिछड़ा वर्ग और सभी वर्ग की महिलाओं को बिजनेस के लिए 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक का बिजनेस लोन दिया जाता है। यदि दो लोग मिलकर स्टैंडअप इंडिया लोन लेना चाहते हैं तो उद्यमियों में से एक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या महिला होनी चाहिए और उनके पास व्यवसाय में 51% हिस्सेदारी होनी चाहिए। इस ऋण पर आधार दर के साथ 3% की वार्षिक ब्याज दर लगती है।

3-स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना

यदि किसी स्टार्टअप को बाजार में प्रवेश, उत्पाद परीक्षण, प्रोटोटाइप विकास, व्यावसायीकरण आदि के लिए धन की आवश्यकता है, तो वे इस योजना के तहत इसका लाभ उठा सकते हैं। किसी स्टार्टअप की शुरुआत में निवेश की गई पूंजी को सीड फंडिंग या सीड मानी कहा जाता है। इस योजना का उद्देश्य स्टार्टअप्स को उनकी शुरुआती परियोजनाओं में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। अधिक जानकारी seedfund.startupindia.gov.inवेबसाइट से प्राप्त की जा सकती है।

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